जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई बनीं पीसीआई की अध्यक्ष, जानिए भारतीय प्रेस परिषद की पहली महिला अध्यक्ष के बारे में

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई भारतीय प्रेस परिषद की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। पीसीआइ अध्यक्ष पद के लिए 72 वर्षीय न्यायमूर्ति देसाई के नाम को हाल ही में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पीसीआइ सदस्य प्रकाश दुबे की एक समिति ने मंजूरी दी थी।

बांबे हाई कोर्ट में रह चुकी हैं न्यायाधीश

सुप्रीम कोर्ट में कार्यकाल से पहले, वह बांबे हाई कोर्ट की न्यायाधीश थीं। जस्टिस रंजना देसा जम्मू और कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकीं हैं। पीसीआई अध्यक्ष का पद न्यायमूर्ति चंद्रमौली कुमार प्रसाद (सेवानिवृत्त) का कार्यकाल पूरा होने के बाद पिछले नवंबर से खाली था।

बता दें कि कुछ दिनों पहले उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिकता संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड) लागू करने के लिए जो ड्राफ्टिंग कमेटी की घोषणा की है उसमें रंजना प्रकाश देशाई भी शामिल हैं। देशाई साल 1996 में मुंबई उच्च न्यायालय की न्यायधीश भी रह चुकी हैं। उन्होंने 30 जुलाई, 1937 को वकालत की शुरुआत की थी। उनका जन्म 30 अक्टूबर 1949 को हुआ था। बता दें उन्होंने 1970 में एल्फिंस्टन कालेज मुंबई से कला में स्नातक और 1973 में गवर्नमेंट ला कालेजऔर मुंबई से कानून में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

सुप्रीम कोर्ट में 2011 में की न्यायाधीश के रूप में हुईं थी नियुक्ति

रंजना प्रकाश देसाई की साल 1986 में निवारक नजरबंदी के मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्ति हुई। वे 1 नवम्बर 1995 को सरकारी अधिवक्ता, अपीलीय साइड, मुंबई उच्च न्यायालय के पद पर नियुक्त हुई और 15 अप्रैल 1996 को उन्हें मुंबई उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। 13 सितंबर 2011 को उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के रूप में हुई।

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