रायपुर। छत्तीसगढ़ की पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रकों को किराये पर लेकर उनका फर्जी दस्तावेज तैयार कर, डेटिंग पेटिंग और चेचीस नंबर बदल कर बेच देता था। यह गिरोह नागालैण्ड, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के परिवहन विभाग के आर.टी.ओ. एजेण्ट से मिली भगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया करता था।

गिरोह का ऐसे हुआ भंडाफोड़

ग्राम छिछोर, रतनपुरा, थाना हलधर, जिला मऊ, उत्तर प्रदेश निवासी प्रार्थी अनुज कुमार सिंह द्वारा थाना खमतराई में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि वह ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय करता है। दिनांक 15 अक्टूबर को पटना, बिहार निवासी ट्रांसपोर्टर नागेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा प्रार्थी की ट्रक को 80,000/- रूपये प्रतिमाह किराया पर परिचालन करने का एग्रीमेन्ट कर वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान 14 नवंबर की शाम किसी शेख मकसूद, निवासी बिलासपुर द्वारा प्रार्थी को फोन कर उसके ट्रक वाहन के संबंध में पूछा गया जिस पर प्रार्थी द्वारा ट्रक वाहन को ट्रांसपोर्टर एन.के. सिन्हा द्वारा किराये पर परिचालन करना बताया गया। शेख मकसूद द्वारा प्रार्थी को बताया गया कि भनपुरी स्थित यार्ड मालिक उपेन्द्र शर्मा उसे इस ट्रक को बेचने हेतु दिखाया है। शेख मकसूद द्वारा वाहन के दस्तावेज मांगने पर यार्ड मालिक उपेन्द्र शर्मा द्वारा आनाकानी की तब शेख मकसूद को शक होने पर ट्रक के चेचीस नम्बर से डिटेल निकालकर प्रार्थी को उसके द्वारा सूचित किया गया।

बदल दिया था गाड़ी का पूरा हुलिया

इस सूचना पर प्रार्थी अनुज कुमार ने अगले दिन रायपुर आकर भनपुरी स्थित उपेन्द्र शर्मा के यार्ड जाकर देखा तो प्रार्थी के वाहन टाटा मोटर्स क्रमांक यू पी 54 टी 9806 का डेंटिंग पेटिंग कर गाड़ी का हुलिया ही बदल दिया गया था, वाहन के डाला को काटकर लगभग आधा कर दिया गया था, नंबर प्लेट बदल दिया गया था एवं वाहन के चेचिस नम्बर से छेड़खानी व कूटरचित करते हुए उसे भी बदल दिया गया था। प्रार्थी के द्वारा उक्त वाहन के गाड़ी के टायर, केबिन, पीछे के डाला, रेडियम इत्यादि को देखकर अपनी गाड़ी का पहचान किया गया।

किसी और से खरीदी थी ट्रक

प्रार्थी अनुज कुमार द्वारा इस वाहन के संबंध मे यार्ड मालिक उपेन्द्र शर्मा से पूछताछ करने पर यार्ड मालिक उपेन्द्र शर्मा द्वारा ट्रक वाहन को गाड़ी को अशोक अग्रवाल, सुब्बू काजी उर्फ सोनू खान से खरीदना बताया। इस प्रकार ट्रांसपोर्टर नागेन्द्र कुमार सिन्हा, भनपुरी स्थित यार्ड मालिक उपेन्द्र शर्मा, अशोक अग्रवाल, सुब्बू काजी उर्फ सोनू खान द्वारा षडयंत्र कर कूटरचित कर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी किया गया है, इस रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 988/22 धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

अंतर्राज्यीय गिरोह का हुआ खुलासा

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए SSP प्रशांत अग्रवाल ने एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट एवं थाना खमतराई पुलिस की एक विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी, शेख मकसूद एवं संबंधित अन्य व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के द्वारा सबसे पहले आरोपी उपेन्द्र शर्मा और अशोक अग्रवाल को भी हिरासत में लिया जाकर कड़ाई से पूछताछ किया गया। उपेन्द्र द्वारा बताया गया कि वह अशोक अग्रवाल, शाहाबुद्दीन, काजी उर्फ सब्बू काजी उर्फ सोनू खान एवं अन्य उनके साथीगणों के साथ मिलकर चोरी व फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर सस्ते में बेचे जाने वाले 06 चक्का, 12 चक्का एवं 14 चक्का ट्रकों को खरीद कर आर.टी.ओ. एजेण्ट से मिली भगत कर उन ट्रकों का छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्रेशन कराकर यहां के स्थानीय ट्रांसपोटर्स को विक्रय कर बहुत अधिक लाभ अर्जित किया जाता था।

दूसरे राज्यों से लाया करते थे ट्रक

आरोपियों ने बताया कि इन ट्रकों को वे मुजफ्फरपुर बिहार के कुछ बड़े ट्रांसपोटर्स, एजेण्टों व दलालों के माध्यम से खरीदते थे। मुजफ्फरपुर बिहार के ट्रांसपोटर्स व दलाल के द्वारा ट्रकों को उत्तर प्रदेष व बिहार के ट्रक मालिकों से लीज पर ली जाकर एवं कुछ चोरी के ट्रको का महाराष्ट्र, बिहार व छत्तीसगढ़ के ट्रक के चेचीस नम्बर बदलने मे माहिर व्यक्तियों के द्वारा नम्बर बदलवाया जाता था। जिसके बाद नागालैण्ड, अरूणाचल प्रदेश, बिहार व उत्तर प्रदेश के स्थानीय आर.टी.ओ. एजेण्ट के माध्यम से ट्रक वाहनों का फर्जी दस्तावेज तैयार किया जाता था और उक्त ट्रकों को छत्तीसगढ़ व आस-पास के प्रदेशों के आर.टी.ओं. में रजिस्ट्रेशन कराकर छत्तीसगढ़ लाकर ट्रक के बाॅडी में परिवर्तन कर, डेंटिंग पेटिंग कर उसका हुलिया बदलकर तथा आर.टी.ओं. में नाम ट्रांसफर करा कर यहां के स्थानीय ट्रांसपोटर्स को बेचा जाता था।

आर.टी.ओ. एजेण्ट था अशोक अग्रवाल

इस काम के लिये पूर्व में परिवहन विभाग में आर.टी.ओ. एजेण्ट के रूप में कार्यरत अशोक अग्रवाल के माध्यम से पूर्ण दस्तावेज तैयार कराया जाता था।

देशभर में कई गिरोह हैं सक्रिय, करोड़ों की ट्रकें बरामद

उक्त ट्रको के व्यापक फर्जीवाड़ा पर टीम के द्वारा गहराई से जांच करने पर पता चला कि आरोपीगण के अलावा भी बहुत से समूह है जो बिहार, उत्तर प्रदेष व अन्य राज्यों से ट्रक लाकर छत्तीसगढ़ व अन्य सरहदी राज्यों में खपा रहे हैं। इस मामले में सघन पतासाजी करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपी सत्येन्द्र सिंह, शाहाबुद्दीन अहमद काजी उर्फ सब्बू काजी उर्फ सोनू खान, राजेश यदु उर्फ ओम प्रकाश व अन्य आरोपियों को पकड़ा गया तथा उनके बताये आधार पर 20 से अधिक ट्रकों को जप्त किया गया है। ट्रकों की कुल कीमत 5,20,00,000/- (पांच करोड़ बीस लाख रूपये) से भी अधिक बताई गई है।

पुलिस द्वारा इस प्रकार और भी वाहनों को फर्जी तरिके से बेचे जाने की सूचना पर टीम के द्वारा खोजबीन की जा रही है तथा मामले में लिप्त अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपीगण-

  1. उपेन्द्र शर्मा पिता रामनाथ शर्मा उम्र 43 साल निवासी कृषक नगर जोरा थाना तेलीबांधा जिला रायपुर ।
  2. अषोक अग्रवाल पिता हरीषचंद्र अग्रवाल उम्र 65 साल निवासी वसुंधरा नगर भिलाई थाना भिलाई 03 जिला दुर्ग ।
  3. शाहाबुद्दीन अहमद काजी उर्फ सब्बू काजी उर्फ सोनू खान पिता महरूम डाॅक्टर सईउद््दीन काजी उम्र 44 साल निवासी रजा मस्जिद के सामने स्टेषन पारा वार्ड नं. 13 महासमुंद।
  4. राजेष यदु उर्फ ओमप्रकाष पिता बलदाउ राम यदु उम्र 40 साल निवासी आजाद मार्केट, अंगोरी बार के पीछे भिलाई जिला दुर्ग।
  5. नारायण दास रोहरा पिता टिल्लू मल रोहरा उम्र 61 साल निवासी सेक्टर 04 देवेन्द्र नगर थाना देवेन्द्र नगर जिला रायपुर।
  6. सत्येन्द्र कुमार पिता एकनाथ सिंह उम्र 42 साल निवासी यादव नगर गली नं. 01 भगवानपुर थाना लहर जिला मुजफ्फरपुर बिहार।