कोरोना वैक्सीनेशन के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 4 लाख रुपये पार, सायबर सेल की सतर्कता से 4 दिन बाद वापस हुई रकम

Cyber Crime : लॉकडाउन में किराना सामान मंगाने वाली महिला से ठग ने लूटे 2 लाख रुपए
Cyber Crime : लॉकडाउन में किराना सामान मंगाने वाली महिला से ठग ने लूटे 2 लाख रुपए

टीआरपी डेस्क। कोराना वैक्सीनेशन के लिए यदि आपके पास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए फोन आता है तो आप तत्काल सतर्क हो जाएं। क्योंकि यह फोन ठगी के लिए हो सकता है। ऐसा ही एक मामला कोरबा में आया है। ठग ने काेरोना वैक्सीनेशन के लिए मानिकपुर के एसईसीएल कर्मी हर प्रसाद साहू को 15 मार्च को कोरोना वैक्सीनेशन के पहले डोज के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने का झांसा दिया।

हर प्रसाद को इसके लिए प्ले स्टोर से क्वीक सर्पोट एप डाऊनलोड कराया गया। फिर योनो एसबीआई का यूपीआई आईडी-पासवर्ड को रिमोट एक्सेस कर लिया गया। हर प्रसाद के मोबाइल पर एक लिंक भेजकर उसमें डाटा भरने को कहा। डाटा भरते ही उसके बैंक खाता से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए 4 लाख रुपए पार हो गए। 4 लाख रुपए ट्रांजेक्शन का मैसेज आते ही कर्मी ने 24 घंटे के भीतर बैंक और पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद बैंक हड़ताल के कारण साइबर सेल ने हर प्रसाद के मोबाइल पर आए मैसेज से इंडसइंड बैंक में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी जुटाई और खाता होल्ड किया गया, जिससे ठग 4 लाख नहीं निकाल पाया। करीब 4 दिन बाद शुक्रवार को हर प्रसाद के खाते में 4 लाख रुपए वापस हो गए। शनिवार को डीएसपी रामगोपाल कार्यालय में एसपी कार्यालय में साइबर सेल की टीम को पुरस्कृत किया।

वैक्सीनेशन के नाम पर न करें लिंक क्लिक, न कोई एप करें डाउनलोड

डीएसपी रामगोपाल करियारे के मुताबिक कोरोना वैक्सीनेशन के नाम से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि कोरोना वैक्सीनेशन या अन्य किसी कारण से अनजान व्यक्ति संपर्क करता है तो उसके भेजे लिंक को क्लिक न करें। न ही कहने पर कोई भी एप डाउनलोड करें। ऐसा करने पर साफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन ठग मोबाइल को एक्सेस कर उसमें मौजूद संपूर्ण जानकारी लेकर बैंक खाता से रकम पार कर देते हैं।

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