IAS Avichal Chaturvedi Story: त्योहारों के मौसम में मिठाई, घी, अचार और दूसरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के साथ मिलावट और खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है। ऐसे में राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक बड़ी कार्रवाई चर्चा में है। जयपुर की मुहाना मंडी में जांच के दौरान करीब 85 हजार किलोग्राम अचार और उसे तैयार करने के लिए रखी सामग्री सीज की गई। इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी भी सुर्खियों में आ गए हैं।
राजस्थान में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा टीम मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार करने के मामलों पर कार्रवाई कर रही है। मुहाना मंडी की फर्म पर हुई कार्रवाई के दौरान अचार की टंकियों में मच्छर, मकड़ियां, जाले और कुछ टंकियों में मृत छिपकलियां मिलने की जानकारी सामने आई। विभाग ने सामग्री सीज करने के साथ परिसर को भी सील किया।
मुहाना मंडी में 85 हजार किलो अचार और कच्चा माल सीज
जयपुर की मुहाना मंडी स्थित श्री श्याम फूड्स के परिसर में खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। रिपोर्टों के मुताबिक, वहां करीब 100 प्लास्टिक टंकियों में अचार और उसे बनाने के लिए कच्चा माल रखा था। जांच के दौरान कई टंकियों में गंदगी, कीड़े-मकोड़े और कुछ में मृत छिपकलियां मिलने की बात सामने आई। इसके बाद करीब 85 हजार किलोग्राम अचार और कच्चे माल को नष्ट कराने के लिए सीज किया गया तथा परिसर सील कर दिया गया। अचार और सॉस के नमूने भी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं।
नकली और संदिग्ध घी के खिलाफ भी कार्रवाई
त्योहारी मौसम में घी और दूसरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के बीच मिलावट पर नियंत्रण विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में अभियान के तहत 1,869 लीटर संदिग्ध घी सीज किए जाने और कुछ इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी गई है। हालांकि, संदिग्ध उत्पादों को सीज किया जाना और प्रयोगशाला में मिलावट की पुष्टि होना अलग-अलग बातें हैं। किसी उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता का निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
स्कूलों और कैंटीनों की खाद्य सामग्री पर भी नजर
बच्चों और युवाओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों की कैंटीनों में खाद्य सुरक्षा जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। उपलब्ध रिपोर्ट में 3 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीनों पर विशेष जांच अभियान चलाए जाने का उल्लेख है। ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण की स्थिति की जांच करना है। किसी भी अनियमितता पर कार्रवाई संबंधित जांच और लागू नियमों के आधार पर की जाती है।
अवैध दवाओं की बिक्री पर भी कार्रवाई का दावा
खाद्य सुरक्षा के साथ औषधि नियंत्रण भी आयुक्तालय की जिम्मेदारियों में शामिल है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में बिना लाइसेंस या नियमों के विरुद्ध दवाओं की बिक्री के मामलों में छापेमारी और कुछ मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित किए जाने का उल्लेख किया गया है। ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं की वैध बिक्री और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, किसी विशेष मेडिकल स्टोर या व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के अंतिम नतीजे संबंधित विभागीय आदेशों और जांच के आधार पर ही तय होते हैं।
कौन हैं IAS अविचल चतुर्वेदी?
अविचल चतुर्वेदी राजस्थान कैडर के 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश से हैं और उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की। रिपोर्टों में उनके पिता गोपाल चतुर्वेदी के न्यायिक सेवा में रहने का भी उल्लेख है। प्रशासनिक सेवा के दौरान वे राजस्थान के विभिन्न जिलों में जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके करियर और वर्तमान पद से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए सरकारी सेवा रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान क्यों है अहम?
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे लोगों की सेहत से जुड़ी होती है। इसलिए त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि पूरे साल खाद्य सामग्री बनाने, रखने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच जरूरी है। राजस्थान में चल रहा ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान इसी दिशा में कार्रवाई का हिस्सा है। छापेमारी के साथ नमूने लेना, प्रयोगशाला में जांच कराना, नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई करना और असुरक्षित सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण कदम हैं।



