सोमवार, 12 अक्तूबर 2026 सोम, 12 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
व्यापार

8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग में कब बढ़ेगी सैलरी? रिपोर्ट से लेकर फिटमेंट फैक्टर तक जानें

8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संगठन इसे 2.7 से 4 तक रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि बाजार में इसके 2.1 के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी […]

8th Pay Commission, Fitment Factor
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संगठन इसे 2.7 से 4 तक रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि बाजार में इसके 2.1 के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है। दिए गए अनुमान के मुताबिक, अगर यह 2.1 रहता है, तो ₹18,000 की मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर करीब ₹38,000 हो सकती है।

फिटमेंट फैक्टर से नई बेसिक सैलरी तय करने में मदद मिलती है। लेकिन वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी का आकलन करने के लिए मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) और नई सैलरी के बीच तुलना करना भी जरूरी है। इसलिए केवल फिटमेंट फैक्टर का आंकड़ा देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कर्मचारियों को कितना फायदा होगा।

7वें और 8वें वेतन आयोग का गणित समझें

7वें वेतन आयोग के समय न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 थी। इस पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद नई बेसिक पे ₹18,000 तय हुई। उस समय कर्मचारियों को 125% महंगाई भत्ता मिल रहा था। ₹7,000 की बेसिक पे पर यह रकम ₹8,750 थी। यानी नई वेतन व्यवस्था लागू होने से पहले बेसिक पे और DA मिलाकर कुल रकम ₹15,750 होती थी। नई बेसिक पे ₹18,000 होने पर पुराने कुल वेतन की तुलना में अंतर ₹2,250 का था। यह उदाहरण बताता है कि फिटमेंट फैक्टर से बेसिक पे में हुई बढ़ोतरी और पहले मिल रही कुल रकम के मुकाबले वास्तविक बढ़ोतरी अलग-अलग हो सकती हैं।

2.1 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी हो सकती है नई बेसिक पे?

अब 8वें वेतन आयोग के संभावित गणित को समझते हैं। मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर इस पर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है, तो गणना इस तरह होगी:

  • मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे: ₹18,000
  • संभावित फिटमेंट फैक्टर: 2.1
  • गणना के मुताबिक नई बेसिक पे: ₹37,800
  • अनुमानित नई बेसिक पे, राउंड ऑफ करने पर: करीब ₹38,000

यह गणना केवल संभावित फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है। अंतिम बेसिक पे सरकार के फैसले और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगी।

58% DA के हिसाब से कितना होगा अंतर?

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा ₹18,000 की बेसिक पे पर 58% DA के हिसाब से ₹10,440 महंगाई भत्ता बनता है। इस तरह बेसिक पे और DA मिलाकर कुल रकम ₹28,440 होती है। अगर नई बेसिक पे करीब ₹38,000 तय होती है, तो इसकी तुलना मौजूदा ₹28,440 से करने पर लगभग ₹9,560 का अंतर निकलता है। यह तुलना नई बेसिक पे और मौजूदा बेसिक पे के साथ DA जोड़कर बनी रकम के बीच है। इसे अंतिम वेतनवृद्धि नहीं माना जा सकता, क्योंकि नई वेतन व्यवस्था में DA और अन्य भत्तों का निर्धारण अलग से होगा। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन ने भी इस तरह के अनुमान का उल्लेख किया है। हालांकि, 2.1 फिटमेंट फैक्टर और इससे बनने वाली नई बेसिक पे को सरकार की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

टेक-होम सैलरी पर क्या पड़ेगा असर?

कर्मचारियों की कुल सैलरी केवल बेसिक पे से तय नहीं होती। इसमें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TA) और लागू अन्य भत्ते भी शामिल हो सकते हैं। नई वेतन व्यवस्था लागू होने पर इन भत्तों की गणना के नियम और दरें महत्वपूर्ण होंगी। इसलिए अभी यह तय नहीं कहा जा सकता कि कर्मचारियों के बैंक खाते में हर महीने कितनी अतिरिक्त रकम आएगी। इसके लिए अंतिम वेतन मैट्रिक्स और भत्तों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आ सकती है?

दी गई जानकारी के मुताबिक, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का औपचारिक गठन नवंबर 2025 में हुआ था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस समयसीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास सामने आने का अनुमान है। रिपोर्ट आने के बाद भी वेतन में बदलाव की वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी। तब तक कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर, नई बेसिक पे और भत्तों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन