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सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर बड़ा अपडेट, रिटायरमेंट से पहले होगी रिकॉर्ड की जांच; जानें नियम

Central Government Pension Rules: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को गलत या अतिरिक्त भुगतान से जुड़ी समस्याओं से बचाने के लिए कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 29 सितंबर 2026 को गलत या अतिरिक्त भुगतान रोकने के उपायों से संबंधित कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिटायरमेंट से चार […]

Central government pension rules and retirement benefits verification for government employees
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Central Government Pension Rules: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को गलत या अतिरिक्त भुगतान से जुड़ी समस्याओं से बचाने के लिए कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 29 सितंबर 2026 को गलत या अतिरिक्त भुगतान रोकने के उपायों से संबंधित कार्यालय ज्ञापन जारी किया है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिटायरमेंट से चार साल पहले कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण और पेंशन विवरण की जांच करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के समय होने वाली संभावित वसूली और पेंशन संबंधी विवादों को कम करना है।

रिटायरमेंट से पहले किन रिकॉर्ड की होगी जांच?

कर्मचारियों के रिटायरमेंट से पहले उनके सेवा रिकॉर्ड की जांच करना जरूरी माना गया है। इसमें वेतन निर्धारण, सर्विस पीरियड और पेंशन से जुड़े विवरण शामिल हैं। समय रहते रिकॉर्ड की जांच होने से वेतन या सेवा संबंधी गड़बड़ियों की पहचान की जा सकती है। इससे रिटायरमेंट के समय पेंशन और दूसरे सेवानिवृत्ति लाभों की गणना में होने वाली गलतियों को सुधारने का अवसर मिलेगा।

पे-फिक्सेशन में गलती पर अधिकारियों की जवाबदेही

नियमों से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रमोशन, इंक्रीमेंट या एसीपी/एमएसीपी के बाद जारी पे-फिक्सेशन आदेशों का सत्यापन तीन महीने के भीतर या संबंधित वित्त वर्ष के अंत तक पूरा करना होगा। इस व्यवस्था का मकसद वेतन निर्धारण में होने वाली गलतियों को समय रहते पकड़ना है। यदि वेतन निर्धारण या भुगतान में गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान भी महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, नुकसान की भरपाई सीधे अधिकारियों से किस परिस्थिति में की जाएगी और इसके लिए क्या प्रक्रिया होगी, इसकी पुष्टि मूल सरकारी आदेश से करना जरूरी है।

पेंशन वेरिफिकेशन के बाद क्या होगा?

उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद वेतन निर्धारण की जांच से जुड़ी जवाबदेही अहम हो जाएगी। बताया गया है कि प्रमाणपत्र जारी होने के बाद भी पे-फिक्सेशन में गड़बड़ी मिलने पर नुकसान की भरपाई मंजूरी देने वाले अधिकारियों से की जा सकती है। इस प्रावधान का उद्देश्य भुगतान को मंजूरी देने की प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाना है। कर्मचारियों से किसी भी स्थिति में वसूली नहीं की जा सकेगी, ऐसा व्यापक दावा करने से पहले आदेश की सटीक शर्तें देखना जरूरी है।

पेंशन खर्च में भी हुई बढ़ोतरी

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की वित्त वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार का पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों पर कुल खर्च 12.30% बढ़कर 3,45,942 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 में यह खर्च 3,08,040 करोड़ रुपये था। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में कुल केंद्रीय पेंशन खर्च में रक्षा पेंशन की हिस्सेदारी 45.57% और सिविल पेंशन की हिस्सेदारी 33.57% रही।

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए क्यों अहम है यह कदम?

रिटायरमेंट के आसपास वेतन निर्धारण या सेवा रिकॉर्ड में गलती सामने आने पर कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान की वसूली और पेंशन संबंधी विवादों का सामना करना पड़ सकता है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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