Stock Market Update: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत भले ही मजबूती के साथ हुई, लेकिन दोपहर होते-होते बिकवाली ने बाजार की चाल बदल दी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 730 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में भी 260 अंक से अधिक की गिरावट आई। हालांकि, आखिरी घंटों में बाजार ने थोड़ी रिकवरी की।
शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 87.66 अंक फिसलकर 22,600 के स्तर पर आ गया। लगातार गिरावट से निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात पर टिकी है।

सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट आई?
दिन के कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाकर 730.30 अंक यानी करीब एक प्रतिशत गिरकर 72,519.09 के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में इसमें सुधार हुआ और यह 125.56 अंक की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ। निफ्टी भी कारोबार के दौरान 260.75 अंक यानी 1.15 प्रतिशत टूटकर 22,426.90 तक फिसल गया, लेकिन अंत में यह 87.66 अंक गिरकर 22,600 पर बंद हुआ।
लगातार गिरावट से बाजार पर बढ़ा दबाव
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला पिछले कारोबारी सत्र में भी जारी रहा था। गुरुवार को सेंसेक्स 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 123.70 अंक टूटकर 22,687.65 पर आ गया था। लगातार गिरावट के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बाजार की दिशा अब काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर मानी जा रही है।
कच्चा तेल 114 डॉलर के पार
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब एक प्रतिशत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसी आशंका ने शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
टाटा स्टील समेत कई बड़े शेयरों में गिरावट
शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील सबसे ज्यादा दबाव में रहा। इसके शेयरों में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एनटीपीसी, इंडिगो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस में भी बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। इटरनल, टीसीएस, इंफोसिस, एलएंडटी और एचडीएफसी बैंक बढ़त के साथ कारोबार करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान अलग-अलग रुझान देखने को मिले। एशियाई बाजारों में शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 गिरावट में रहा। दूसरी ओर, यूरोपीय बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक बाजारों की इस अनिश्चितता का असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा।



