शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 शुक्र, 25 सित॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
व्यापार

2 अक्टूबर को बंद होगा UPI? QR कोड से साउंड बॉक्स तक काले कपड़े में ढकेंगे कारोबारी, जानें पूरा मामला

UPI MDR Charge: देशभर के कारोबारी और व्यापारी संगठन 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन ‘नो UPI डे’ मनाने की तैयारी में हैं। यह विरोध 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट के खिलाफ है। व्यापारी संगठनों की मांग है कि इस शुल्क को […]

Traders protest against UPI MDR charge with QR codes covered in black cloth
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

UPI MDR Charge: देशभर के कारोबारी और व्यापारी संगठन 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन ‘नो UPI डे’ मनाने की तैयारी में हैं। यह विरोध 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट के खिलाफ है। व्यापारी संगठनों की मांग है कि इस शुल्क को लागू न किया जाए। विरोध के दौरान कारोबारी UPI QR कोड, स्कैनर, साउंड बॉक्स और डिजिटल पेमेंट से जुड़े अन्य उपकरणों को काले कपड़े से ढकेंगे।

इस आंदोलन में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MCCIA), ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF), अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) और फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने शामिल होने की पुष्टि की है।

सरकार और कारोबारी संगठनों के बीच होगी बैठक

UPI पर MDR शुल्क को लेकर सरकार जल्द ही खुदरा कारोबारी संगठनों के साथ बैठक करने जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) समेत अन्य कारोबारी संगठनों के साथ वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हो सकती है। इस बैठक का उद्देश्य कारोबारियों को 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क ग्राहकों से वसूलने से रोकना है। कारोबारियों की ओर से पहले कहा गया था कि यदि MDR शुल्क लागू होता है तो वे इसका भार ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

15 अक्टूबर से प्रस्तावित है 0.4 प्रतिशत MDR

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाना है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा। MDR को लेकर बाजार में भ्रम की स्थिति को देखते हुए इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) भी जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है। वित्त मंत्रालय ने IBA को इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। दरअसल, MDR शुल्क को लेकर बनी आशंका के बीच कुछ जगहों पर खुदरा दुकानदारों ने UPI भुगतान लेना बंद कर दिया है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर भी UPI भुगतान को लेकर ऐसी स्थिति सामने आई है।

UPI भुगतान बंद करने पर सरकार की नजर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, IBA एक ऐसा मैकेनिज्म भी तैयार करेगा जिससे कारोबारी UPI भुगतान लेने से इनकार न कर सकें। पेट्रोल पंपों को लेकर सरकारी सूत्रों का कहना है कि वहां का मामला उनके मार्जिन से जुड़ा है। यह पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच का विषय है। सूत्रों के मुताबिक, UPI MDR के नाम पर पेट्रोल पंप संगठन सरकार पर मार्जिन बढ़ाने का दबाव बना रहा है और इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय में मुलाकात भी की गई है।

MDR शुल्क में किसे कितना हिस्सा मिलेगा?

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत MDR में से 40 प्रतिशत राशि बैंकों को, 30 प्रतिशत मर्चेंट बैंक या पेमेंट गेटवे को, 20 प्रतिशत UPI ऐप को और 10 प्रतिशत UPI के स्पांसर बैंक को दी जाएगी। सरकार को इस 0.4 प्रतिशत शुल्क में से कोई राशि नहीं मिलेगी। इसलिए यह शुल्क टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है।

MDR पर GST को लेकर भी स्थिति साफ

MDR शुल्क पर 18 प्रतिशत GST लागू होने की बात भी सामने आई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यदि GST के कारण आम जनता पर कोई प्रभाव पड़ता है तो GST काउंसिल आम जनता के हित में इस पर फैसला ले सकती है। फिलहाल व्यापारिक संगठन MDR के प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ के जरिए अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, सरकार और बैंकिंग क्षेत्र की ओर से कारोबारियों और ग्राहकों के बीच MDR को लेकर बनी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन