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केएसके पॉवर प्लांट में कर्मियों ने किया टूल डाउन, 03 साल कर रहे हैं वेज रिविजन मांग, प्रबंधन पर मजदूरों को आपस में लड़ाने का लगाया गया आरोप

केएसके पॉवर प्लांट में कर्मियों ने किया टूल डाउन, 03 साल कर रहे हैं वेज रिविजन मांग, प्रबंधन पर मजदूरों को आपस में लड़ाने का लगाया गया आरोप
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा नरियरा क्षेत्र में संचालित केएसके महानदी पॉवर प्लांट में प्रबंधन की मनमानी से परेशान मजदूरों ने टूल डाउन कर दिया है, और तब तक काम पर वापस नही लौटने की बात कही है, जब तक प्रबंधन द्वारा वेज रिविजन नही किया जाएगा। पिछले 03 सालों केएसके महानदी पॉवर प्लांट के मजदूर वेजरिविजन की लड़ाई लड़ रहे हैं।

प्लांट के अंदर ही प्रदर्शन

केएसके महानदी पॉवर प्लांट में 1000 से ज्यादा मजदूरों ने एचएमएस यूनियन के बैनर तले वेज रिविजन की मांग को लेकर टूल डाउन कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन लगातार उनकी मांगों को अनसुना कर रहा है। मजदूरों ने प्लांट प्रबंधन पर उन्हें आपस में लड़ाने का भी आरोप लगाया है। आज टूल डाउन के बाद सभी मजदूर कार्य स्थल छेड़कर प्लांट के अंदर ही प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे प्लांट का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

गौरतलब है कि 2007-08 मे केएसके महानदी पॉवर प्लांट अकलतरा के नरियरा क्षेत्र में 10 गांवों के 1842 किसानों की 2 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर स्थापित है। यहां वर्तमान में 1800 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। शुरुवात से ही है केएसके महानदी पॉवर प्लांट का विवादों से नाता रहा है।
इस मामले में मजदूरों का कहना है कि वे केएसके महानदी पॉवर प्लांट में पिछले 10 सालों से काम कर रहे हैं, मगर ना तो उनका प्रमोशन हो रहा है ना वेज रिविजन किया जा रहा है। जिसकी वजह से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है।

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The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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