अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में गणेश विसर्जन के दौरान सड़क पर साइड देने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस दौरान दरिमा थाना प्रभारी और ट्रेनी डीएसपी निशांत कुर्रे के साथ कुछ युवकों ने मारपीट करते हुए उनकी निजी कार में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना अंबिकापुर मार्ग पर कंठी और जगदीशपुर के बीच की बताई जा रही है। यहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए डीजे के साथ जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जाम जैसी स्थिति बन गई थी। इसी दौरान साइड देने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
साइड देने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, ट्रेनी डीएसपी निशांत कुर्रे देर रात थाने से अंबिकापुर की ओर अपनी निजी कार से लौट रहे थे। रास्ते में गणेश विसर्जन का जुलूस निकल रहा था। सड़क पर भीड़ अधिक होने के कारण उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों से वाहन निकालने के लिए साइड देने को कहा।
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कुछ युवकों से उनकी बहस हो गई। शुरुआत में मामला बातचीत तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
करीब 12 युवकों पर हमले का आरोप
पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद करीब 12 युवकों ने ट्रेनी डीएसपी के साथ मारपीट की। इस दौरान उनकी निजी कार को भी निशाना बनाया गया। आरोप है कि कार के शीशे तोड़ दिए गए और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया।

मारपीट में निशांत कुर्रे को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इसके बाद इलाके में आरोपियों की तलाश के लिए घेराबंदी की गई।
पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद मणिपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिल राजवाड़े, धनेश्वर राजवाड़े उर्फ धन्नू, रामदेव राजवाड़े उर्फ चुटुल, शिवशंकर राजवाड़े उर्फ शिव, नीरज राजवाड़े और मुकेश दास के रूप में हुई है।
बाकी संदिग्धों की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ की घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे। बताया गया है कि मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।



