Amity University students raising concerns over insects found in mess food
Amity University students raising concerns over insects found in mess food

Amity University Mess: एमिटी यूनिवर्सिटी के मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। छात्रों का आरोप है कि मेस के खाने में आए दिन कीड़े-मकोड़े और बरसाती जीव मिल रहे हैं। कई बार भोजन में इल्ली और छोटे कीड़े मिलने की शिकायत भी सामने आई है।

खाने में इस तरह की गड़बड़ी से छात्र परेशान हैं और उन्हें अपनी सेहत को लेकर चिंता सताने लगी है। छात्रों के मुताबिक यह समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई है। भोजन में कीड़े मिलने के बाद मेस प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन छात्रों का दावा है कि अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

खाने में कीड़े मिलने का आरोप

छात्रों का कहना है कि मेस में रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। इसी भोजन में कथित तौर पर कई बार कीड़े-मकोड़े पाए गए हैं। छात्रों के अनुसार, भोजन में इल्ली और अन्य छोटे कीड़े मिलने की घटनाओं ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। बरसात के मौसम में ऐसी घटनाएं सामने आने से भोजन की स्वच्छता और खाद्य सामग्री के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं बदली व्यवस्था

छात्रों का आरोप है कि मेस के खाने को लेकर पहले भी प्रबंधन से शिकायत की जा चुकी है। उनका कहना है कि शिकायत के बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है, लेकिन समस्या दोबारा सामने आ जाती है। छात्र चाहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन केवल शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय मेस की नियमित निगरानी और जांच की व्यवस्था करे, ताकि भोजन की गुणवत्ता से समझौता न हो।

बरसात में बढ़ी छात्रों की चिंता

बारिश के मौसम में खाने में कीड़े मिलने की शिकायतों ने छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है। छात्रों का कहना है कि भोजन तैयार करने, खाद्य सामग्री रखने और मेस की साफ-सफाई में लापरवाही हुई तो इसका असर सीधे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने मेस में नियमित सैनिटाइजेशन, किचन की सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच और भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने की मांग की है।

छात्रों की मांग: खाने की हो नियमित जांच

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से मेस व्यवस्था की नियमित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के साथ-साथ किचन, स्टोरेज एरिया और पानी की व्यवस्था की भी समय-समय पर जांच होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।

पहले HNLU में दूषित पानी से बीमार हुए थे छात्र

छात्रावासों और संस्थानों में भोजन-पानी की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में पिछले वर्ष दूषित पानी पीने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के बीमार होने का मामला सामने आया था। उस दौरान छात्रों के मुताबिक एक दिन में करीब 20 से 30 विद्यार्थी वायरल फीवर की चपेट में आ रहे थे। बीमार छात्रों को नवा रायपुर के बालको-वेदांता और सद्भावना अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

PRSU हॉस्टल में दूषित पानी से छात्राएं हुई थीं बीमार

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) के नवीन कन्या छात्रावास में भी दूषित पानी को लेकर गंभीर मामला सामने आया था। फरवरी में छात्रावास की 12 से अधिक छात्राओं के पीलिया से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई थी। कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था। मूल विज्ञान केंद्र की कुछ छात्राओं में उल्टी, कमजोरी और पीलिया जैसे लक्षण पाए गए थे। जांच के बाद संक्रमण की पुष्टि होने पर उनका उपचार शुरू किया गया। संक्रमण फैलने की आशंका के चलते छात्रावास की कई छात्राएं अपने घर भी लौट गई थीं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।