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इलाज के नाम पर पैसे लिए, कहीं गलत पैकेज तो कहीं लौटाए मरीज; आयुष्मान में 17 अस्पताल रडार पर

रायपुर। Ayushman Yojana के तहत मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलने के बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। रायपुर जिले में पिछले 14 महीने में अस्पतालों के खिलाफ 29 शिकायतें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचीं। जांच के बाद कई मामलों में मरीजों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस कराई गई। […]

Ayushman Yojana patients at a private hospital in Raipur
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। Ayushman Yojana के तहत मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलने के बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। रायपुर जिले में पिछले 14 महीने में अस्पतालों के खिलाफ 29 शिकायतें स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचीं। जांच के बाद कई मामलों में मरीजों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस कराई गई। शिकायतों में इलाज के नाम पर पैसे मांगने के अलावा गलत पैकेज में उपचार करने और मरीजों को बिना इलाज लौटाने के मामले भी शामिल हैं। वहीं राज्य स्तर पर करीब 100 अस्पतालों की जांच के बाद 17 अस्पताल फिलहाल संदेह के दायरे में हैं।

29 शिकायतों पर अस्पतालों को नोटिस

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में गलत उपचार से जुड़ी 29 शिकायतें सामने आईं। शिकायतों की जांच के दौरान लगाए गए आरोपों और मरीजों के दस्तावेजों का मिलान किया गया। इसके बाद संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जांच के बाद करीब आधा दर्जन मामलों में मरीजों से ली गई राशि वापस कराई गई। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं को योजना के तहत उपचार का लाभ भी दिलाया गया।

पैसे मांगने से लेकर इलाज से इनकार तक शिकायतें

आयुष्मान योजना को लेकर सामने आई शिकायतें सिर्फ अतिरिक्त राशि लेने तक सीमित नहीं हैं। कुछ मामलों में अस्पतालों पर गलत पैकेज के जरिए इलाज करने के आरोप लगे। वहीं कुछ मरीजों को यह कहकर इलाज से लौटाए जाने की शिकायत भी सामने आई कि संबंधित उपचार आयुष्मान योजना के पैकेज में शामिल नहीं था। जांच के दौरान करीब पांच शिकायतें निराधार भी पाई गईं। कुछ मामलों में अस्पताल और शिकायतकर्ता के बीच आपसी सहमति से विवाद का समाधान किया गया।

17 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी

राज्य की नोडल एजेंसी के पास रायपुर समेत प्रदेश के 17 अस्पतालों में योजना के नाम पर इलाज में गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतें हैं। इन मामलों का फिलहाल परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसमें अस्पतालों को योजना से बाहर करने के साथ जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी संभव है। करीब दो साल पहले स्टेट नोडल एजेंसी ने 48 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

करीब 100 अस्पतालों की जांच

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर राज्य स्तर की टीम करीब 100 अस्पतालों की जांच कर चुकी है। इनमें से 17 अस्पतालों को संदेह के दायरे में रखते हुए आगे की कार्रवाई के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। इससे पहले भी योजना की निगरानी के लिए जिला स्तर पर शिकायतों की जांच की जाती रही है।

फोन से भी पहुंचती हैं शिकायतें

रायपुर जिले में आयुष्मान योजना की निगरानी करने वाली कमेटी के पास निजी अस्पतालों से जुड़ी शिकायतें लगातार आती हैं। इनमें कई शिकायतों का समाधान फोन पर ही कर दिया जाता है। गंभीर या लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाती है। मरीज से जुड़े दस्तावेजों और अस्पताल के रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद शिकायत का निराकरण किया जाता है।

कुछ मामलों में वापस कराई गई मरीजों की राशि

जांच के बाद कुछ मामलों में यह सामने आया कि मरीज से अतिरिक्त राशि ली गई थी। ऐसे मामलों में अस्पताल से राशि वापस कराई गई। कुछ शिकायतों में मरीज को योजना के तहत उपचार का लाभ दिलाया गया। वहीं कुछ मामलों में शिकायतकर्ता और अस्पताल के बीच सहमति बनने के बाद विवाद का समाधान हुआ।

आयुष्मान योजना की निगरानी की जिम्मेदारी

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सहायता योजना की निगरानी करने वाली स्टेट नोडल एजेंसी में स्वास्थ्य संचालनालय के उपसंचालक देवेंद्र प्रधान को प्रोजेक्ट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। देवेंद्र प्रधान इससे पहले बलरामपुर-रामानुजगंज के संयुक्त कलेक्टर थे। करीब सप्ताहभर पहले उनका तबादला स्वास्थ्य संचालनालय में किया गया था। स्टेट नोडल एजेंसी में उन्हें एबीडीएम, सीआईडीएमएस और स्थापना शाखा से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई है।

शिकायतों पर गंभीरता से हो रही कार्रवाई

नर्सिंग होम एक्ट के जिला नोडल अफसर डॉ. अविनाश चतुर्वेदी ने बताया कि आयुष्मान योजना का मरीजों को वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए निजी अस्पतालों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना से जुड़ी शिकायतों का गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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