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Bijapur: अब बैलाडीला के नंदराज पहाड़ पर खनन को लेकर सियासत तेज, 7200 पेड़ कटाई की अनुमति का आरोप

Political heat rises over mining at Bailadila: छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील मुद्दे बैलाडीला के नंदराज पहाड़ पर फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। डिपॉजिट-13 में प्रस्तावित खनन के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दल एक मंच पर आ गए हैं। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और सीपीआई की कद्दावर आदिवासी नेता मंजू कवासी ने सरकार को […]

Mining on Bailadila's Nandraj Hill
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Political heat rises over mining at Bailadila: छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील मुद्दे बैलाडीला के नंदराज पहाड़ पर फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। डिपॉजिट-13 में प्रस्तावित खनन के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दल एक मंच पर आ गए हैं।

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और सीपीआई की कद्दावर आदिवासी नेता मंजू कवासी ने सरकार को खुली चेतावनी दी है – नंदराज पहाड़ पर एक भी पेड़ कटा तो 2019 से बड़ा आंदोलन होगा।

क्या है ताजा विवाद?

सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में डिपॉजिट-13 के लिए टेंडर जारी हुआ और नंदराज से लोहा का सैंपल निकालकर नगरनार स्टील प्लांट भेजा गया। विधायक मंडावी का आरोप है कि वन विभाग ने चुपके से पहले फेज में ही 7200 पेड़ काटने की परमिशन दे दी है।

टेंडर और नमूना भेजने पर सवाल

मंजू कवासी ने कहा कि यदि जनवरी 2026 में डिपॉजिट-13 के लिए टेंडर जारी हुआ है और हाल में नगरनार स्टील प्लांट के लिए लौह अयस्क का नमूना भेजा गया है, तो सरकार को इन गतिविधियों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टेंडर जारी होना या नमूना भेजा जाना अपने आप में खनन की वैधानिक अनुमति का प्रमाण नहीं है। इसके लिए पर्यावरण, वन, ग्रामसभा और आदिवासी अधिकारों से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है।

7200 पेड़ों की कटाई की अनुमति का आरोप

कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने पहले चरण में करीब 7200 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नंदराज पहाड़ से नमूने निकालकर नगरनार भेजे जा चुके हैं।

आदिवासी आस्था का सवाल

मंडावी ने कहा कि नंदराज पहाड़ आदिवासी समाज के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है और स्थानीय मान्यताओं में इसे नंदराज देवता तथा पिटोर रानी माता का निवास माना जाता है। मंजू कवासी ने भी खनन, ड्रिलिंग, पेड़ कटाई और अन्य गतिविधियों पर रोक की मांग करते हुए कहा कि किसी भी गतिविधि से पहले ग्रामसभा, वन अधिकार और पर्यावरण से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।

2019 आंदोलन का हवाला, 50 गांवों ने किया था विरोध

मंडावी और कवासी दोनों ने वर्ष 2019 में डिपॉजिट-13 में खनन के विरोध में हुए आदिवासी आंदोलन का हवाला दिया। मंडावी के अनुसार करीब 50 गांवों के ग्रामीणों ने किरंदुल में आंदोलन किया था। दोनों नेताओं ने उस समय ग्रामसभा की प्रक्रिया और कथित फर्जी दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया।

दस्तावेज सार्वजनिक करने और श्वेतपत्र की मांग

मंजू कवासी ने कथित टेंडर, कार्यादेश, खनन योजना तथा पर्यावरण एवं वन संबंधी अनुमतियों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने नंदराज पहाड़ की स्थिति पर राज्य सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की भी मांग रखी। दोनों नेताओं ने कहा कि औद्योगिक जरूरतों के साथ आदिवासी समुदाय के अधिकारों और पर्यावरणीय कानूनों का पालन भी जरूरी है। भाकपा ने कहा कि यदि वास्तविक ग्रामसभा की सहमति और कानूनी प्रक्रिया के बिना खनन शुरू करने का प्रयास हुआ तो पार्टी प्रभावित आदिवासी समुदाय के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध करेगी।

पेसा और वन अधिकार कानून का मुद्दा

दोनों नेताओं ने अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए पेसा और वन अधिकार कानून के प्रावधानों का हवाला दिया। कवासी ने मांग की कि पर्यावरण, वन्यजीव, जलस्रोत, जैव-विविधता और विस्थापन को लेकर स्वतंत्र विशेषज्ञ अध्ययन कराया जाए तथा सामुदायिक वन अधिकारों का निपटारा होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाए। मंडावी ने राज्य सरकार से पूछा है कि ग्रामसभा की सहमति के बिना नंदराज पहाड़ पर गतिविधियां किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने सरकार से खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. नंदराज पहाड़ कहां है और विवाद क्या है?
बैलाडीला के डिपॉजिट-13 में स्थित नंदराज पहाड़ पर प्रस्तावित लौह अयस्क खनन को लेकर विवाद है, आदिवासी इसे आस्था का केंद्र मानते हैं।

Q2. खनन रोक की मांग किसने की है?
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और भाकपा केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मंजू कवासी ने।

Q3. 7200 पेड़ कटाई का क्या मामला है?
विधायक मंडावी का आरोप है कि वन विभाग ने पहले चरण में 7200 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है।

Q4. टेंडर और सैंपल वाला क्या आरोप है?
आरोप है कि जनवरी 2026 में डिपॉजिट-13 के लिए टेंडर जारी हुआ और नंदराज से नमूना निकालकर नगरनार स्टील प्लांट भेजा गया है, सरकार को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

Q5. 2019 आंदोलन का क्या हवाला दिया गया?
2019 में डिपॉजिट-13 खनन के विरोध में करीब 50 गांवों के ग्रामीणों ने किरंदुल में बड़ा आदिवासी आंदोलन किया था, जिसमें ग्रामसभा और फर्जी दस्तावेजों के सवाल उठे थे।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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