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माओवाद के नाम पर डर फैलाने की साजिश, बीच सड़क पर फेंका नक्सलियों के नाम का पर्चा, फिर क्या हुआ?

बीजापुर। जिले के आवापल्ली इलाके से माओवादी धमकी का सनसनीखेज मामला झूठा निकला। ग्राम मुरदंडा में सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों को नक्सलियों के नाम से डराने की कोशिश करने वाले दो युवकों को पुलिस ने धर दबोचा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नक्सलवाद नहीं, बल्कि निजी जमीन का झगड़ा इस पूरी साजिश के पीछे […]

माओवाद के नाम पर डर फैलाने की साजिश, बीच सड़क पर फेंका नक्सलियों के नाम का पर्चा, फिर क्या हुआ?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

बीजापुर। जिले के आवापल्ली इलाके से माओवादी धमकी का सनसनीखेज मामला झूठा निकला। ग्राम मुरदंडा में सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों को नक्सलियों के नाम से डराने की कोशिश करने वाले दो युवकों को पुलिस ने धर दबोचा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नक्सलवाद नहीं, बल्कि निजी जमीन का झगड़ा इस पूरी साजिश के पीछे था।

7 अक्टूबर की सुबह मुरदंडा से कमारगुड़ा जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों को 7 पर्चे पड़े मिले। पर्चों में स्कूल भवन और गांव में हो रहे विकास कार्यों को रोकने की धमकी लिखी थी, नीचे माओवादी संगठन का नाम लिखा था। गांव में दहशत फैल गई और सरपंच ने तुरंत आवापल्ली थाने में सूचना दी।

सीमांकन से खफा था मुख्य आरोपी

जांच में पुलिस को कहानी में झोल नजर आया। मुख्य आरोपी संदीप मड़कम की गांव में ही जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। उसने गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे प्रशासन ने जून 2026 में सीमांकन कर हटवा दिया था। इसी बात से गुस्से में आकर संदीप ने अपने साथी नागेश बोड़के के साथ मिलकर यह प्लान बनाया।

दोनों ने मिलकर हाथ से लिखे पर्चे तैयार किए और जानबूझकर उन्हें सुनसान सड़क पर फेंक दिया, ताकि लगे कि नक्सलियों ने चेतावनी दी है।

पुलिस ने किया पर्दाफाश

बीजापुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का मकसद माओवाद के नाम का फायदा उठाकर गांव में डर पैदा करना और प्रशासन पर दबाव बनाना था। फिलहाल दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. बीजापुर में पर्चे कहां मिले थे?

Ans. आवापल्ली थाना क्षेत्र के ग्राम मुरदंडा में मुरदंडा-कमारगुड़ा मार्ग पर 7 अक्टूबर को कुल सात धमकी भरे पर्चे बरामद हुए थे।

Q2. पर्चे फेंकने के पीछे क्या कारण था?

Ans. आरोपी संदीप मड़कम का जमीन विवाद था, जून 2026 में अवैध कब्जा हटाए जाने के बाद उसने नागेश बोड़के के साथ मिलकर नक्सली नाम से पर्चे फेंके।

Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

Ans. पुलिस ने दोनों आरोपियों संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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