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Bilaspur: धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 को हाईकोर्ट में चुनौती, सरकार से तीन हफ्ते में मांगा जवाब

Challenge to the Freedom of Religion Act: छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता वी.एन. प्रसाद […]

Bilaspur: धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 को हाईकोर्ट में चुनौती, सरकार से तीन हफ्ते में मांगा जवाब
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Challenge to the Freedom of Religion Act: छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता वी.एन. प्रसाद राव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में कानून की कई धाराओं को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी गई है।

कोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने साफ किया कि अगली सुनवाई में अंतरिम राहत की मांग पर दोनों पक्षों को अपनी दलीलें रखने का मौका दिया जाएगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को मुख्य याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के साथ अंतरिम राहत के आवेदन पर भी अपनी आपत्ति, यदि कोई हो, प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके लिए तीन हफ्ते की समयसीमा तय की गई है।

सुनवाई में क्या हुआ?

राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सरकारी वकील राहुल तामस्कर ने कोर्ट को बताया कि धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के प्रावधानों को चुनौती देने वाली इसी तरह की कई अन्य याचिकाएं भी हाईकोर्ट में लंबित हैं। उन्होंने मामले में नोटिस जारी करने और सरकार का पक्ष रखने के लिए तीन हफ्ते का समय देने का अनुरोध किया।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एस. मुरलीधर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उनके साथ वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज परांजपे और अन्य अधिवक्ता भी मौजूद थे। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार को जवाब तैयार करने के लिए समय दिया जा सकता है, लेकिन अंतरिम राहत के आवेदन पर अलग से सुनवाई की जाए।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. बिलासपुर हाईकोर्ट में किस कानून को चुनौती दी गई?

Ans. छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को वी.एन. प्रसाद राव ने याचिका दायर कर चुनौती दी है।

Q2. हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?

Ans. चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की बेंच ने सरकार को 3 हफ्ते में जवाबी हलफनामा और अंतरिम राहत पर आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई में अंतरिम राहत पर बहस होगी।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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