Bilaspur: देर रात तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के लिए यह फैसला नजीर बनेगा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने आधी रात डीजे बजाने के मामले में निचली अदालत के साउंड सिस्टम कुर्की के आदेश को बरकरार रखा है और आरोपी की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है कि मनोरंजन के नाम पर दूसरों की नींद, स्वास्थ्य और शांति से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।
मामला 24 सितंबर 2026 की रात का है। हटरी चौक पर वाहन क्रमांक CG-13 BK-0925 पर लोहे के एंगल लगाकर तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। आसपास के लोगों की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस पहुंची। डीजे संचालक शिव प्रसाद पटेल (27) से अनुमति के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई वैध कागज नहीं दिखा पाया।
पुलिस ने वाहन और पूरा साउंड सिस्टम जब्त कर छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की।
लाखों का सिस्टम हुआ कुर्क
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असलम खान की अदालत ने जब्त सामान की कुर्की का आदेश दिया था। इसमें 8 बड़े बेस बॉक्स, 2 स्ट्रोब लाइट, 8 सर्चलाइट, 4 MI बार, 6 लाइन एरे बॉक्स, 6 एम्प्लीफायर और 1 मिक्सर-क्रॉसओवर शामिल हैं। इसी आदेश को आरोपी ने जिला अदालत में चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
कोर्ट ने दिया सुप्रीम कोर्ट का हवाला
फैसले में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के ‘चर्च ऑफ गॉड बनाम KKR मैजेस्टिक कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन’ केस का हवाला दिया। कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार सिर्फ जीवित रहने तक सीमित नहीं है, इसमें सम्मानजनक, स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन भी शामिल है।
हाईकोर्ट तेज साउंड पर जता चुका है चिंता
कोर्ट ने कहा कि तेज शोर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भी बिलासपुर में ध्वनि प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेकर चिंता जता चुका है कि शोर से बचने के लिए बुजुर्गों को घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ रहा है।
कार्रवाई सिर्फ दिखावे की?
छत्तीसगढ़ में तेज आवाज में डीजे बजाने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान है, मगर बिलासपुर, रायपुर सहित अन्य छोटे-बड़े शहरों में खुलकर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इस वर्ष भी गणेश उत्सव, दुर्गा उत्सव, मिलादुन्नबी के जुलूस और अन्य धार्मिक जुलूसों में जमकर डीजे का बजाना हुआ, मगर कार्रवाई कुछ पर ही हुई है। राजधानी रायपुर में तो लगभग हर रोज गली मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों पर आधी रत के बाद तक तेज आवाज में डीजे बजाये जा रहे हैं। बिलासपुर में जिस तरह डीजे संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई, वैसे ही अन्य मामलों में भी की जानी चाहिए, मगर अधिकांश मामलों को जिला प्रशासन के समक्ष पेश कर जुर्माना अदि की कार्रवाई कर दी जाती है, इक्का-दुक्का मामले ही कोर्ट में पेश किये जाते हैं।
कायदे से नियम विरुद्ध चलाये जाने वाले डीजे के संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा यह मनमानी लगातार बढ़ती ही चली जाएगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बिलासपुर में डीजे क्यों जब्त हुआ?
24 सितंबर की रात 1:25 बजे हटरी चौक पर बिना अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाने पर पुलिस ने DJ सिस्टम जब्त किया था।
Q2. कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
CJM असलम खान ने कुर्की का आदेश दिया था, जिला अदालत ने अपील खारिज कर कुर्की बरकरार रखी।
Q3. कौन सा कानून लगा?
छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।



