Significant High Court ruling regarding divorce: कई बार लोग सोचते हैं कि सालों से अलग रह रहे हैं तो तलाक तो मिल ही जाएगा, लेकिन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में बड़ा संदेश दे दिया है। कोर्ट ने साफ कहा – सिर्फ अलग रहना तलाक का लाइसेंस नहीं है।
मामला राजनांदगांव के रोहित रजक और संतोषी रजक का है। दोनों की शादी 18 जून 1998 को भिलाई के रिसाली में हुई थी। शुरुआत के 10-12 साल सब ठीक चला। फिर कहानी में ट्विस्ट आया।
पति ने कहा – गहने-पैसे लेकर मायके गई, पत्नी बोली – बांझ कहकर घर से निकाला
पति का आरोप था – पत्नी सरकारी क्वार्टर छोड़कर मायके चली गई, साथ में नकदी, गहने और जमीन के दो प्लॉट के कागज भी ले गई। साथ ही मुझ पर दूसरी शादी का झूठा आरोप लगाकर मानसिक टॉर्चर करती है।
तो पत्नी ने पलटवार करते हुए कहा – सच्चाई उल्टी है। पति मुझे ‘बांझ’ कहकर ताने मारता था, घर से निकाल दिया, और खुद दूसरी महिला से शादी की बात कहता था। तलाक इसलिए मांग रहा है ताकि भरण-पोषण न देना पड़े।
हाई कोर्ट में खुली पोल, पति नहीं बता पाया पत्नी क्यों गई मायके
जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की खंडपीठ ने दोनों की दलीलें और सबूत तौले। कोर्ट ने पाया कि पति खुद मान रहा है कि शुरू में कोई झगड़ा नहीं था, और वो ये भी नहीं बता पाया कि पत्नी आखिर मायके गई क्यों? पत्नी को वापस लाने के लिए उसने कोई ठोस कोशिश भी नहीं की।
फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार, पति की अपील खारिज
आखिर में कोर्ट ने कहा – वैवाहिक रिश्तों में दूरी आना एक बात है और कानून में तय क्रूरता या परित्याग साबित करना दूसरी बात। पति अपने आरोपों को सबूतों से साबित करने में फेल रहा। इसलिए फैमिली कोर्ट का फैसला सही है। पति की अपील खारिज।
मतलब साफ है – 13 साल अलग रहकर भी रोहित को तलाक नहीं मिला। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि लंबे समय तक अलग रहने या वैवाहिक संबंधों में दूरी आ जाने मात्र से तलाक का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए कानून में निर्धारित आधारों को साबित करना जरूरी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. हाई कोर्ट ने तलाक क्यों नहीं दिया?
कोर्ट ने कहा कि सिर्फ लंबे समय तक अलग रहना तलाक का कानूनी आधार नहीं है। पति क्रूरता और परित्याग जैसे आरोपों को ठोस सबूतों से साबित नहीं कर पाया।
Q2. ये मामला किसका था?
राजनांदगांव निवासी रोहित रजक की शादी 1998 में संतोषी रजक से हुई थी। दोनों पिछले करीब 13 साल से अलग रह रहे थे।
Q3. कोर्ट ने क्या टिप्पणी की?
खंडपीठ ने कहा कि तलाक के लिए कानून में तय आधारों को साबित करना जरूरी है, सिर्फ वैवाहिक दूरी या अलगाव से तलाक का अधिकार नहीं मिल जाता।



