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Bilaspur: दिवंगत कर्मचारी की दो पत्नियों को लेकर हाई कोर्ट का अहम फैसला, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

High Court Important verdict: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक अहम फैसले में कहा कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी की मौत के समय दोनों महिलाएं कानूनी पत्नी नहीं थीं। लेकिन उनके तीनों बच्चों को संपत्ति में बराबर हक मिलेगा। पशु चिकित्सा विभाग में असिस्टेंट फील्ड ऑफिसर रहे सुखीदास कुर्रे की 12 अगस्त 2015 को मौत […]

Bilaspur: दिवंगत कर्मचारी की दो पत्नियों को लेकर हाई कोर्ट का अहम फैसला, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

High Court Important verdict: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक अहम फैसले में कहा कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी की मौत के समय दोनों महिलाएं कानूनी पत्नी नहीं थीं। लेकिन उनके तीनों बच्चों को संपत्ति में बराबर हक मिलेगा।

पशु चिकित्सा विभाग में असिस्टेंट फील्ड ऑफिसर रहे सुखीदास कुर्रे की 12 अगस्त 2015 को मौत हुई थी। पहली पत्नी शोभा साहू से बेटा अविनाश और अशोक लता कुर्रे से बेटियां लक्ष्मी और बेबी उर्फ दीपिका हैं। दोनों महिलाओं के बीच संपत्ति और 17 लाख के सेवा लाभों (वेतन, पेंशन, GPF, ग्रेच्युटी) को लेकर विवाद था।

अशोक लता का दावा था कि शोभा ने 10 जुलाई 2000 को आपसी सहमति से अलग होने का समझौता किया और अरुण साहू से शादी कर ली। वहीं शोभा ने कहा कि अशोक लता का पहले पति धनेश कोसले से तलाक ही नहीं हुआ।

हाईकोर्ट ने क्या पाया?

– सुखीदास की सर्विस बुक में शोभा के पति के रूप में अरुण साहू का नाम और फोटो दर्ज थी, और वही नॉमिनी भी था

– अशोक लता ने खुद स्वीकार किया कि पहले पति से कानूनी तलाक नहीं हुआ था

– इसलिए कोर्ट ने कहा – मौत के समय दोनों में से कोई भी कानूनी पत्नी नहीं थी

– फैसला: जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की बेंच

कोर्ट का अंतिम फैसला

1.  अचल संपत्ति: जमीन-मकान में तीनों बच्चों – अविनाश, लक्ष्मी और बेबी उर्फ दीपिका को बराबर हिस्सा मिलेगा। दोनों महिलाओं का एकाधिकार का दावा खारिज

2.  17 लाख के सेवा लाभ: वेतन, पेंशन, GPF, ग्रेच्युटी के लिए सिर्फ हिस्सेदारी घोषित होने से हक नहीं मिलेगा। इसके लिए सक्षम अदालत से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) और कोर्ट फीस जमा करना होगा। निचली अदालत का सेवा लाभों पर अधिकार देने वाला आदेश निरस्त।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. हाईकोर्ट ने दो पत्नियों को लेकर क्या कहा?

Ans. कोर्ट ने कहा कि सुखीदास कुर्रे की मौत के समय शोभा साहू और अशोक लता कुर्रे में से कोई भी उनकी कानूनी पत्नी नहीं थी, क्योंकि शोभा ने दूसरी शादी कर ली थी और अशोक लता का पहले पति से तलाक नहीं हुआ था।

Q2. संपत्ति किसे मिलेगी?

Ans. जमीन-मकान जैसी अचल संपत्ति में उनके तीनों बच्चों – बेटा अविनाश और बेटियां लक्ष्मी व बेबी उर्फ दीपिका को बराबर-बराबर हिस्सा मिलेगा।

Q3. 17 लाख रुपये के सेवा लाभों का क्या होगा?

Ans. वेतन, पेंशन, GPF, ग्रेच्युटी के करीब 17 लाख रुपये के लिए सीधे भुगतान नहीं होगा। इसके लिए सक्षम अदालत से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लेना होगा और कोर्ट फीस जमा करनी होगी। निचली अदालत का इस संबंध में आदेश हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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