बिलासपुर। नवरात्रि का पावन महीना, घर में दीये जल रहे हैं, माता के जयकारे गूंज रहे हैं। ऐसे पवित्र मौके पर अगर आपकी थाली में पनीर की जगह चिकन आ जाए तो? बिलासपुर के एक शुद्ध शाकाहारी परिवार के साथ ठीक ऐसा ही हुआ और अब पूरा परिवार सदमे में है।
मामला राजकिशोर नगर के होटल ग्रैंड गुलमोहर का है। स्थानीय निवासी प्रज्ञा बैसवाडे ने शनिवार दोपहर 2:48 बजे जोमैटो से 445 रुपये में पनीर टिक्का बिरयानी ऑर्डर की थी। परिवार नवरात्रि व्रत-पूजा में लीन था, सोचा शाम को साथ बैठकर शाकाहारी बिरयानी का आनंद लेंगे। लेकिन जैसे ही चावल का पहला निवाला लिया, उसमें चिकन के टुकड़े नजर आए।
थाली देखते ही उड़े होश, बेटी ने छोड़ दिया खाना-पीना
प्रज्ञा के पिता प्रफुल्ल बैसवाडे बताते हैं, “हमारा परिवार कट्टर शाकाहारी है। मेरी बेटी ने आज तक कभी मांसाहार को छुआ तक नहीं। नवरात्रि में तो हम लहसुन-प्याज तक नहीं खाते। चावल में चिकन देखते ही बेटी की चीख निकल गई। उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचा है, तब से उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया है।”
सोचिये, नवरात्रि में जब घर-घर में नौ देवियों की पूजा हो रही है, तब एक बेटी की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़। ये सिर्फ ऑर्डर मिस्टेक नहीं, आस्था पर सीधा प्रहार है।
गलती मानी, माफी भी मांगी, फिर भी वसूले 100 रुपये
परिवार का आरोप है कि शिकायत पर होटल ने गलती मानकर माफी तो मांग ली, लेकिन जब दोबारा पनीर बिरयानी भेजी तो उसके लिए 100 रुपये अतिरिक्त वसूल लिए। यानी गलती होटल की, सजा ग्राहक को। परिवार ने बिल, ऑनलाइन ऑर्डर का स्क्रीनशॉट और चिकन वाले चावल की फोटो-वीडियो सबूत के तौर पर सुरक्षित रख लिए हैं।
परिवार का कहना है – “ये 445 या 100 रुपये का मामला नहीं है, ये हमारे धर्म, आस्था और भरोसे का मामला है।”
रसोई में वेज-नॉनवेज का घालमेल? होटल की दलील सुनिए
होटल ग्रैंड गुलमोहर के मैनेजर धर्मेंद्र पाटले की दलील है कि उसी समय चिकन टिक्का बिरयानी का भी ऑर्डर था, डिलीवरी बॉय ने गलती से पार्सल बदल दिया। इसे अनजाने में हुई चूक बताया।
लेकिन सवाल उठता है – क्या एक ही रसोई, एक ही जगह वेज और नॉनवेज बन रहा है? पैकिंग पर कोई कलर कोडिंग, कोई अलग स्टिकर नहीं? अगर नवरात्रि में भी वेज-नॉनवेज का फर्क नहीं रखा जा रहा तो आम दिनों में क्या हाल होता होगा?
अब होगा आर-पार – कलेक्टर से लेकर फूड लाइसेंस रद्द करने की मांग
गुस्साए परिवार ने अब कलेक्टर, खाद्य सुरक्षा विभाग और उपभोक्ता फोरम में शिकायत की तैयारी कर ली है। मांग है कि होटल की रसोई की जांच हो, पैकिंग सिस्टम सुधारा जाए और लाइसेंस रद्द हो।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी के इस दौर में आपका अगला ऑर्डर भी क्या शुद्ध है? इस घटना ने बिलासपुर के हर शाकाहारी परिवार को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बिलासपुर में बिरयानी को लेकर क्या मामला सामने आया है?
राजकिशोर नगर होटल ग्रैंड गुलमोहर से जोमैटो पर 445 रुपये की पनीर टिक्का बिरयानी ऑर्डर की थी, लेकिन डिलीवरी में चिकन बिरयानी आ गई। परिवार नवरात्रि पर शुद्ध शाकाहारी है।
Q2. इस घटना का परिवार पर क्या असर पड़ा है?
प्रज्ञा बैसवाडे के पिता प्रफुल्ल के अनुसार उनकी बेटी ने कभी मांसाहार नहीं किया, इस घटना से उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचा है और उसने खाना-पीना छोड़ दिया है।
Q3. होटल ने क्या कहा और 100 रुपये क्यों लिए?
मैनेजर धर्मेंद्र पाटले ने कहा डिलीवरी ब्वाय ने पार्सल बदल दिया, गलती मानकर दोबारा पनीर बिरयानी भेजी लेकिन 100 रुपये अतिरिक्त लिए। परिवार ने इसे गलत बताया है।
Q4. परिवार अब क्या कार्रवाई करेगा?
परिवार ने बिल और सबूत सुरक्षित रखे हैं, कलेक्टर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन और उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर होटल का लाइसेंस रद्द करने की मांग कर रहा है।



