Bilaspur Saurashtra Project: छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने बिलासपुर की रियल एस्टेट परियोजना ‘सौराष्ट्र’ का रेरा पंजीयन निरस्त कर दिया है। मामले में प्राधिकरण से स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। विकास अनुज्ञा रद होने के बाद रेरा ने की परियोजना के खिलाफ कार्रवाई।
दरअसल, यह कार्रवाई परियोजना की स्वीकृत विकास अनुज्ञा रद्द होने के बाद की गई। प्राधिकरण ने 5 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में कहा कि सक्षम प्राधिकारी की ओर से विकास अनुमति निरस्त किए जाने के बाद परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है। इस फैसले के साथ ही रेरा ने घर, फ्लैट और भूखंड खरीदने की योजना बना रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने कहा है कि किसी भी परियोजना में पैसा लगाने से पहले उसके रेरा पंजीयन की वर्तमान स्थिति और विकास अनुमति की वैधता की जांच जरूर करनी चाहिए।
जानिए आखिर क्यों रद किया गया पंजीयन
CGRERA से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘सौराष्ट्र’ परियोजना बिलासपुर जिले के अग्रय नगर, वार्ड क्रमांक 12 में स्थित है। इसका खसरा नंबर 1551 है। परियोजना का विकास प्रमोटर नमन गोयल कर रहे थे। यह परियोजना छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण में पंजीयन क्रमांक PCGRERA161025001981 के तहत पंजीकृत थी।
परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ की ओर से विकास अनुज्ञा दी गई थी। बाद में संबंधित सक्षम प्राधिकारी ने परियोजना की स्वीकृत विकास अनुज्ञा निरस्त कर दी।
विकास अनुमति रद्द होने के बाद फैसला
विकास अनुमति रद्द होने के बाद मामला CGRERA के संज्ञान में आया। प्राधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रकरण की समीक्षा की और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया कि विकास अनुज्ञा निरस्त होने की स्थिति में परियोजना का रेरा पंजीयन जारी नहीं रखा जा सकता। ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का पंजीयन निरस्त होने का मामला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो रियल एस्टेट में निवेश करने या अपनी आवासीय जरूरत के लिए संपत्ति खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। CGRERA की अपील साफ है कि खरीदारी का फैसला करने से पहले परियोजना का मौजूदा रेरा पंजीयन और विकास अनुमति जरूर जांचें। केवल पुराने पंजीयन के आधार पर निवेश का निर्णय लेने से बचना चाहिए।
जानिए, 5 अक्टूबर के आदेश में क्या कहा गया?
प्राधिकरण ने 5 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में विकास अनुज्ञा निरस्त होने को पंजीयन रद्द करने का आधार बनाया। आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकास अनुमति वापस लिए जाने के बाद ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का रेरा पंजीयन बनाए रखना उचित नहीं था। इसी आधार पर परियोजना का पंजीयन निरस्त कर दिया गया।
विकास अनुज्ञा बना मुख्य आधार
इस मामले में कार्रवाई का मुख्य आधार परियोजना की स्वीकृत विकास अनुज्ञा का निरस्त होना है। CGRERA ने इसी स्थिति की समीक्षा के बाद पंजीयन रद्द करने का फैसला लिया। यह कार्रवाई बताती है कि रियल एस्टेट परियोजना के लिए केवल रेरा पंजीयन होना ही पर्याप्त नहीं है। संबंधित विकास अनुमति की वैधता भी महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण की भूमिका परियोजनाओं के पंजीयन तक सीमित नहीं है। परियोजना से जुड़ी वैधानिक अनुमतियों की स्थिति भी खरीदारों के लिए अहम होती है। ऐसे में विकास अनुमति में बदलाव या उसके निरस्त होने की स्थिति में परियोजना के पंजीयन की वर्तमान स्थिति जानना जरूरी है।
मकान या भूखंड खरीदने से पहले ये जांचें
- रेरा पंजीयन की स्थिति: संबंधित परियोजना का पंजीयन वर्तमान में वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
- विकास अनुमति: परियोजना के लिए स्वीकृत विकास अनुज्ञा की स्थिति जांचें।
- अन्य जरूरी अनुमतियां: परियोजना से संबंधित आवश्यक अनुमतियों की जानकारी लें।
- पुरानी पंजीकृत परियोजनाएं: पहले से रेरा में पंजीकृत परियोजना होने के बावजूद उसकी मौजूदा स्थिति का सत्यापन करें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में पंजीकृत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जांच करना भी जरूरी है। इससे खरीदार संभावित अनियमितताओं और आर्थिक जोखिमों से बचने के लिए समय रहते जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
CGRERA की वेबसाइट पर कैसे जांचें परियोजना का पंजीयन?
खरीदार और निवेशक छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ पर जाकर रेरा पंजीकृत परियोजनाओं की जानकारी और उनके पंजीयन की वर्तमान स्थिति का सत्यापन कर सकते हैं। यदि किसी परियोजना के पंजीयन या उससे जुड़ी जानकारी के बारे में अधिक विवरण चाहिए, तो प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 0771-4918927 पर संपर्क किया जा सकता है।



