Intern doctors’ strike: छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS/SIMS) में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। डॉक्टरों की संख्या कम होने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गईं।
डॉक्टरों ने सिम्स के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इंटर्न डॉक्टरों के ओपीडी बहिष्कार के कारण अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों की संख्या कम हो गई। इसका असर इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा और उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, गंभीर मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं।
जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यहां गुरुवार सुबह 11 बजे सिम्स गेट के सामने प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि 25 और 26 सितंबर को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा।

स्टाइपेंड बढ़ा, पर अन्य मांगें लंबित
आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग स्वीकार कर ली है। अब तक इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 14,900 रुपये स्टाइपेंड मिलता था। सरकार के फैसले के अनुसार, 1 अक्टूबर से यह राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में से केवल स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग स्वीकार की गई है। अन्य मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 सितंबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की जाएगी। इसमें प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों के शामिल होने की बात कही गई है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. सिम्स में हड़ताल क्यों हो रही है?
— जूनियर और इंटर्न डॉक्टर 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, सरकार ने सिर्फ स्टाइपेंड 14,900 से बढ़ाकर 25,000 किया है, अन्य मांगें लंबित हैं।
Q2. हड़ताल से मरीजों पर क्या असर पड़ा?
— 180 इंटर्न के OPD बहिष्कार से डॉक्टरों की संख्या कम हुई, मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा, इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं।
Q3. आगे क्या चेतावनी दी गई है?
— डॉक्टरों ने 25-26 सितंबर तक OPD बहिष्कार जारी रखने और मांगें न मानने पर 28 सितंबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।



