0 बस्तर और गरियाबंद की मौसमी सब्जी का राजधानी 400 से 1600 रूपये किलो

रायपुर। टीआरपी डेस्क
मानसूनी सीज़न की सबसे स्वास्थ्यवर्धक सब्ज़ियों में शुमार बस्तर और गरियाबंद की सब्ज़ी बोड़ा व पुटू राजधानी के बाजार में पहुँचने लगी है। इन दोनों ही जंगली उपज की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है की इनके दाम 650 रूपये किलो बिकने वाले मटन और 180 रूपये किलो चिकन से तीन गुना ज़्यादा है। बारिश के मौसम की इस खास सब्ज़ी की आवक और कीमत में इतने अंतर की वजह है इसके कई तरह के गुण। बारिश की वजह से हरी सब्ज़ियों की अवाक् भी घटने से कुछ के दाम सुनकर ग्राहक भी चौंक गए हैं। छत्तीसगढ़ की दूसरी लोकप्रिय सब्ज़ी है खेक्सी जिसका दाम है 200 रूपये किलो।

सेमी, हरी धनिया और ग्वार फल्ली की कीमत में भी उठान है। थोक सब्जी विक्रेता समिति डूमरतराई के अध्यक्ष टी श्रीनिवास के मुताबिक बारिश के दिनों में आवक और फसल को नुकसान के कारण दाम और उपलब्धता घट जाती है। बताते हैं कि प्रदेश में अब भी 70 फीसदी सब्जियों की आवक बाहरी राज्यों से होती है। इसका भी असर दामों पर पड़ता है।

बोड़ा चिल्लहर में 400 तो थोक का दाम 300 रूपये किलो है। इसी तरह पुटू का चिल्लहर दाम 1600 और थोक दाम 1200 है। छोटी खेक्सी 200 रु प्रति किलो और हर धनिया 160 रु किलो में मिल रही है। कोचई, परवल,ग्वारफली 50 -60 रु प्रति किलो में है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।