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CG CONGRESS: बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने किया भारी भ्रष्टाचार, आदिवासियों को नुमाइश का सामान न बनाए

CG CONGRESS: बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने किया भारी भ्रष्टाचार, आदिवासियों को नुमाइश का सामान न बनाए
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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CG CONGRESS: बस्तर पंडुम के नाम पर सरकार ने किया भारी भ्रष्टाचार, आदिवासियों को नुमाइश का सामान न बनाए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर पंडुम के तहत आदिवासियों के दिल्ली दौरे और हालिया कार्यक्रमों को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर पंडुम आदिवासियों की सांस्कृतिक और पारंपरिक परंपरा है, जिसे सरकार ने अपने आत्म-प्रचार का माध्यम बना लिया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासियों को राष्ट्रपति भवन या दिल्ली-मुंबई घुमाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे आदिवासी युवाओं को रोजगार या बेहतर शिक्षा नहीं मिल जाएगी। बैज ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों के आगमन पर टेंट, कुर्सी और पंडाल लगाने के नाम पर 6 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी की गई है। इस पैसे का इस्तेमाल बारिश में टूटी सड़कों, पुलों के निर्माण या आदिवासियों की बेहतरी के लिए किया जाना चाहिए था।

जूते-चप्पल वितरण में भी भ्रष्टाचार

कांग्रेस नेता ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आदिवासियों को 'नुमाइश का सामान' बनाने के बजाय उनके आत्मनिर्भर विकास, शिक्षा और रोजगार के लिए ठोस योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले 'बस्तर ओलंपिक' के दौरान ट्रैक सूट खरीदी में और तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूते-चप्पल वितरण में भी भ्रष्टाचार किया गया था।

(FAQ)

प्र.1: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 'बस्तर पंडुम' को लेकर क्या मुख्य आरोप लगाया है?

उत्तर: दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर पंडुम आदिवासियों का पारंपरिक और सांस्कृतिक त्योहार है, लेकिन सरकार ने इसका इस्तेमाल आत्म-प्रचार और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के लिए किया है।

प्र.2: कांग्रेस के अनुसार कार्यक्रमों के आयोजन और टेंट-पंडाल के नाम पर कितनी राशि में गड़बड़ी का दावा किया गया है?

उत्तर: कांग्रेस के अनुसार टेंट, कुर्सी, पंडाल आदि लगाने के नाम पर 6 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी की गई है।

प्र.3: दीपक बैज ने आदिवासी समाज के युवाओं की प्रमुख मांगें क्या बताईं?

उत्तर: उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं को दिखावे की जगह अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समान अवसर और विकास की वास्तविक योजनाएं चाहिए।

प्र.4: पूर्व में हुए किन अन्य घोटालों/गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है?

उत्तर: 'बस्तर ओलंपिक' के दौरान ट्रैक सूट खरीदी में हुई गड़बड़ी और तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूते-चप्पल वितरण में हुए कथित भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया है।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

राजनीति एवं समसामयिक मामलों के संवाददाता

छत्तीसगढ़ व राष्ट्रीय राजनीति, विधानसभा सत्र एवं चुनावी समीकरणों पर बारीक नज़र।

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