छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिरने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिरने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला की प्रतिक्रिया

Chhattisgarh assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव संख्या बल के कारण भले ही गिर गया है, लेकिन कांग्रेस ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया ने सरकार को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 136 बिंदुओं के आरोपों के सामने भाजपा सरकार का जनविरोधी चेहरा सदन में खुलकर सामने आ गया है।

यह राजनीतिक घटनाक्रम दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में ढाई साल पुरानी भाजपा सरकार और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर है। कांग्रेस इन 136 आरोपों के जरिए आगामी चुनावों के लिए जनता के बीच कानून-व्यवस्था, रोजगार और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।

वादों और कानून-व्यवस्था पर सदन में तीखी बहस

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा मोदी की गारंटी के नाम पर वोट लेकर अपने संकल्प पत्र के वादों को भूल चुकी है। उन्होंने सदन में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था और वित्तीय स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है, जिससे आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा है। कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न नियमों के तहत भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के मुद्दे उठाए, लेकिन सरकार ने एक भी विषय पर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

सरकार तानाशाही रवैया अपना रही

कांग्रेस का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं को बंद किए जाने के कारण बस्तर-सरगुजा के आदिवासी, किसान, मजदूर और शिक्षित बेरोजगार आंदोलन करने को मजबूर हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर जनता की आवाज को अनसुना कर रही थी, जिसके कारण ही कांग्रेस विधायक दल को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लेना पड़ा।

विधानसभा में प्रस्ताव गिरने के बाद अब कांग्रेस इन 136 मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़े आंदोलनों की रूपरेखा देखने को मिल सकती है।

FAQ

  • विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के पारित न होने पर भी कांग्रेस का क्या दावा है?

कांग्रेस का दावा है कि भले ही संख्या बल के कारण विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, लेकिन 136 बिंदुओं के आरोपों और विपक्ष के तर्कों के सामने सरकार का जनविरोधी चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।

  • प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के अनुसार सरकार कितने समय में जनता का भरोसा खो चुकी है?

सुशील आनंद शुक्ला के अनुसार सरकार महज ढाई साल के कार्यकाल में ही जनता का भरोसा पूरी तरह खो चुकी है।

  • कांग्रेस ने ‘मोदी की गारंटी’ को लेकर राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाया है?

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जिन मुद्दों को ‘मोदी की गारंटी’ के नाम से प्रस्तुत कर भाजपा ने वोट लिया था, सरकार उन्हें भूल चुकी है और इसके अधिकांश वादे ढाई साल बाद भी सिर्फ भाजपा के संकल्प पत्र (कागजों और आंकड़ों) तक ही सीमित हैं।

  • विपक्ष के अनुसार छत्तीसगढ़ के विभिन्न वर्ग और बस्तर-सरगुजा के आदिवासी किन कारणों से आंदोलनरत हैं?
  • प्रदेश में सरकार की गलत नीतियों, तानाशाही रवैये, जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने, बिगड़ी कानून-व्यवस्था, व्याप्त भ्रष्टाचार, भर्ती में अनियमितता, किसान विरोधी नीतियों, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई के कारण हर वर्ग और आदिवासी परेशान होकर आंदोलन कर रहे हैं।
  • सदन के भीतर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान सरकार का रुख कैसा रहा?
  • कांग्रेस का आरोप है कि जब विधायक दल ने सदन में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और वादाखिलाफी के विषयों को विभिन्न नियमों के तहत उठाया, तो सरकार ने एक भी विषय पर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और गंभीर मुद्दों पर चर्चा से भागती रही।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।