Food Safety Officers inspecting food factory in Mahasamund
कार्रवाई करते खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी।

Food Adulteration: रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरी के खिलाफ ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ नाम से सात दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है।

अभियान के पहले ही दिन पूरे राज्य में मिठाई दुकानों, होटलों, कन्फेक्शनरी और खाद्य निर्माण इकाइयों पर व्यापक कार्रवाई की गई। टीम ने दर्जनों स्थानों से लीगल सैंपल जब्त किए और व्यापारियों को स्वच्छता व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

महासमुंद में देर रात छापा, 300 किलो एनालॉग पनीर सील

अभियान के पहले दिन सबसे बड़ी कार्रवाई महासमुंद जिले में देखने को मिली। महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी में एनालॉग (नकली/कृत्रिम) पनीर बनाए जाने की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात अचानक दबिश दी।

लगभग तीन घंटे तक चले इस जांच अभियान के दौरान परिसर की बारीकी से पड़ताल की गई।

मौके पर तैयार पाए गए लगभग 300 किलोग्राम पनीर को कोल्ड स्टोरेज में रखकर सील कर दिया गया।

सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर में 102 किग्रा बर्फी जब्त, रायपुर से सुकमा तक सैंपल संकलन

प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने सैंपलिंग की:

बिलासपुर व कोरबा: बिलासपुर में मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड) पाई गई 102 किलोग्राम बर्फी (23 कार्टून) को सीज किया गया। वहीं कोरबा से 10 हजार रुपये मूल्य के संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।

रायपुर, दुर्ग व बालोद: रायपुर के डूमरतराई होलसेल मार्केट से सोन केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ला के विधिक नमूने लिए गए। बालोद और दुर्ग में खोवा, पनीर और मिठाइयों की सैंपलिंग की गई।

बस्तर व सरगुजा संभाग: कांकेर, राजनांदगांव, कबीरधाम, सुकमा, बस्तर और सूरजपुर सहित सभी जिलों में मिठाई दुकानों और होटलों में स्वच्छता की जांच की गई।

अखबारी कागज के इस्तेमाल पर रोक, FSSAI नियमों का पालन अनिवार्य

विभाग ने स्पष्ट किया कि समोसे, जलेबी या मिठाइयों को पैक करने अथवा रखने के लिए अखबारी कागज (न्यूजपेपर) का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इसकी स्याही सेहत के लिए हानिकारक होती है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों का उपयोग न करने, प्रतिष्ठान में साफ-सफाई रखने और वैलिड FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित करने की सख्त हिदायत दी गई है।

(FAQs)

प्र.1: ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान किस विभाग द्वारा चलाया जा रहा है?

उत्तर: यह अभियान छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drugs Administration) द्वारा चलाया जा रहा है।

प्र.2: महासमुंद में किस चीज की फैक्टरी पर कार्रवाई की गई?

उत्तर: महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी पर एनालॉग (कृत्रिम) पनीर निर्माण की शिकायत पर कार्रवाई कर 300 किलो पनीर सील किया गया।

प्र.3: खाद्य पदार्थों की पैकिंग में किस सामग्री के इस्तेमाल पर चेतावनी दी गई है?

उत्तर: खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने में अखबारी कागज (न्यूजपेपर) और अमानक रासायनिक रंगों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।

प्र.4: ग्राहकों को खाद्य सामग्री खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखने को कहा गया है?

उत्तर: उपभोक्ताओं को मिठाई या पैक्ड फूड खरीदते समय निर्माण तिथि (Mfg Date), एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग, लेबल और FSSAI लाइसेंस नंबर जांचने की सलाह दी गई है।

प्र.5: इस अभियान की अवधि कितनी है?

उत्तर: यह सात दिवसीय (7 Days) विशेष जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान है, जो त्योहारी सीजन में शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।