Chhattisgarh Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रदेश के 41 संगठन जिलों के लिए नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के तीन महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन वे अभी तक पावरलेस महसूस कर रहे हैं। दरअसल, इनकी बहुप्रतीक्षित 10 दिवसीय ट्रेनिंग अब तक नहीं हो पाई है, जिसका सीधा असर संगठन के विस्तार पर पड़ रहा है।

ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग न होने की वजह से जिलाध्यक्ष न तो विधिवत कामकाज संभाल पा रहे हैं और न ही मंडल और बूथ स्तर की कार्यकारिणी का गठन हो पा रहा है। आलम यह है कि निचले स्तर पर संगठन का काम पूरी तरह से थमा हुआ है। हालांकि, कुछ जिलाध्यक्ष अपने स्तर पर धरना-प्रदर्शन तो कर रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड में उनकी कोई ठोस उपलब्धि दर्ज नहीं हो पा रही है।

बूथ मैनेजमेंट और राहुल गांधी का विजन

बता दें कि इस ट्रेनिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बूथ मैनेजमेंट है। राहुल गांधी और दिल्ली के वरिष्ठ नेता अक्सर जिलों की जमीनी रिपोर्ट सीधे जिलाध्यक्षों से मांगते हैं, लेकिन तकनीकी ज्ञान के अभाव में छत्तीसगढ़ की टीम पिछड़ रही है। ट्रेनिंग में फर्जी वोटरों की पहचान, पन्ना प्रमुख रणनीति और विरोधियों के नैरेटिव का मुकाबला करने जैसे गुर सिखाए जाने हैं।

4 मई तक करना होगा इंतजार

गौरतलब है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की वजह से केंद्रीय नेतृत्व व्यस्त है। सूत्रों ने बताया कि 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद ही छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग की तारीखें तय हो पाएंगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही हर जिलाध्यक्ष की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार होगी, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा।

बता दें कि बूथ लेवल पर नियुक्तियां रुकने से सक्रिय कार्यकर्ता घर बैठने को मजबूर हैं। कांग्रेस की इस सुस्ती का सीधा लाभ बीजेपी को मिल सकता है, जो ग्राउंड पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। ट्रेनिंग न होने से फेक न्यूज और विरोधियों के दुष्प्रचार का जवाब देने वाला सोशल मीडिया सेल भी पूरी तरह एक्टिव नहीं हो पाया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।