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छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका? NEP-2020 को लेकर हुए ये बड़े फैसले

Chhattisgarh NEP 2020 implementation: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था तैयार करने की पहल की है। मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा सह ट्रांसफॉर्म समिति की पहली बैठक में प्रत्येक विश्वविद्यालय में NEP सेल बनाने, एक नोडल अधिकारी और दो विद्यार्थी […]

Chhattisgarh Higher Education Minister Tank Ram Verma reviewing NEP 2020 implementation and university reforms
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh NEP 2020 implementation: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था तैयार करने की पहल की है। मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा सह ट्रांसफॉर्म समिति की पहली बैठक में प्रत्येक विश्वविद्यालय में NEP सेल बनाने, एक नोडल अधिकारी और दो विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और बीएड कॉलेजों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर भी जरूरी कदम उठाने को कहा।

हर विश्वविद्यालय में बनेगा NEP सेल

बैठक में नई शिक्षा नीति लागू करने के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर चर्चा हुई। खास तौर पर क्रेडिट सिस्टम और विषय चयन को लेकर सामने आई उलझनों को दूर करने पर जोर दिया गया। इसके लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक समर्पित NEP सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस सेल के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं, विषय चयन से जुड़ी समस्याओं और प्रशासनिक सवालों का समाधान करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा हर विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी और दो विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए जाएंगे। इनकी जिम्मेदारी शिक्षकों और छात्रों के बीच समन्वय बढ़ाने, नीति के बारे में जागरूकता फैलाने और क्रियान्वयन की निगरानी में सहयोग करने की होगी।

हर सेमेस्टर की शुरुआत में होंगी कार्यशालाएं

पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के दौरान सामने आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। मंत्री टंक राम वर्मा ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विश्वविद्यालय में हर शैक्षणिक सेमेस्टर की शुरुआत में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। इनमें प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को नीति के प्रावधानों, क्रेडिट सिस्टम और विषय चयन की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही संभाग और जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, नोडल अधिकारियों और ब्रांड एंबेसडरों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने की योजना है।

पाठ्यक्रम को सरल बनाने पर जोर

बैठक में विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जनरल इलेक्टिव (GE) विषयों के पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्रों को अधिक सरल, व्यावहारिक और लचीला बनाने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य विषय चयन और परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को कम करना है। साथ ही पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश दिए गए। इसमें भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत से जुड़े विषयों पर जोर रहेगा।

छठे सेमेस्टर की इंटर्नशिप के लिए शुरू होगी तैयारी

विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से छठे सेमेस्टर में लागू अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को इसकी तैयारियां पहले से शुरू करने और उद्योगों तथा व्यावसायिक संस्थानों के साथ समय रहते समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उद्योगों से जुड़ाव बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। बैठक में उद्योगपतियों, औद्योगिक घरानों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल मजबूत करने की जरूरत बताई गई।

निजी विश्वविद्यालयों की निगरानी के लिए बनेगी समिति

छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्राध्यापकों की नियमित उपस्थिति और NEP-2020 के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह समिति अपर संचालक और कुलपतियों के समन्वय से काम करेगी। इसका उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी करना और नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रियान्वयन पर नजर रखना है।

बीएड कॉलेजों के आवेदनों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेश में बीएड कॉलेजों के संचालन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र विश्वविद्यालयों और ‘बी++’ ग्रेड प्राप्त महाविद्यालयों से बीएड संचालन के लिए मिले आवेदनों पर बिना देरी के कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य बीएड पाठ्यक्रमों का संचालन समय पर शुरू करना और भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना है।

विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य से जोड़ी गई नई शिक्षा नीति

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में नई शिक्षा नीति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, रीता यादव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में मंत्री ने सदस्यों के सुझावों पर अमल करने और सभी संबंधित पक्षों के समन्वय से नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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