सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 सोम, 19 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 3 निजी मेडिकल कॉलेजों पर फीस वसूली का आरोप, FIR की मांग

Chhattisgarh Medical College Fee Refund: छत्तीसगढ़ में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर विद्यार्थियों से निर्धारित फीस से अधिक रकम लेने और कथित तौर पर उसे वापस नहीं करने का आरोप लगा है। इस मामले में प्रार्थी निश्चय वाजपेयी ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपकर कॉलेज संचालकों, प्रबंधन और फीस वसूली के लिए जिम्मेदार […]

Private medical college fee refund dispute in Chhattisgarh involving three medical colleges
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Medical College Fee Refund: छत्तीसगढ़ में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर विद्यार्थियों से निर्धारित फीस से अधिक रकम लेने और कथित तौर पर उसे वापस नहीं करने का आरोप लगा है। इस मामले में प्रार्थी निश्चय वाजपेयी ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपकर कॉलेज संचालकों, प्रबंधन और फीस वसूली के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

शिकायत में फीस विनियामक समिति के 3 अप्रैल 2025 के निर्णय और चिकित्सा शिक्षा विभाग के 23 सितंबर 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

तीन कॉलेजों में प्रति विद्यार्थी लाखों रुपये की फीस का मामला

शिकायत में तीन निजी मेडिकल कॉलेजों का नाम लेते हुए प्रति विद्यार्थी वापस की जाने वाली अतिरिक्त फीस की राशि का उल्लेख किया गया है।

  • श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, जुनवानी, भिलाई: 4,43,173 रुपये।
  • रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, भनसोज, ग्राम गोढ़ी, रायपुर: 4,53,593 रुपये।
  • श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, मोवा, रायपुर: 4,58,222 रुपये।

शिकायतकर्ता ने इन राशियों को प्रति विद्यार्थी लौटाई जाने वाली अतिरिक्त फीस बताया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और राशि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फीस वापसी के लिए सरकारी आदेश का दिया हवाला

शिकायत में राज्य शासन की प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति, रायपुर के 3 अप्रैल 2025 के निर्णय और चिकित्सा शिक्षा विभाग के 23 सितंबर 2025 के आदेश का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक, संबंधित विद्यार्थियों को एक महीने के भीतर अतिरिक्त फीस लौटाने का प्रावधान बताया गया है। तय समय में रकम वापस नहीं करने पर 7 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित भुगतान करने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन निर्णयों और आदेश के बावजूद विद्यार्थियों को अतिरिक्त फीस वापस नहीं मिली। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

BNS की धाराओं के तहत जांच की मांग

निश्चय वाजपेयी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308, 316 और 223 सहित अन्य उपयुक्त धाराओं के तहत जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आदेश की जानकारी होने के बावजूद अतिरिक्त फीस वसूली गई या राशि वापस नहीं की गई, तो मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और अन्य संभावित अपराधों के पहलुओं की जांच की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता ने फीस के रूप में प्राप्त धनराशि के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, शिकायत में धाराओं का उल्लेख किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कॉलेजों या व्यक्तियों के खिलाफ अपराध साबित हो चुका है। इसकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

वर्तमान शैक्षणिक सत्र में भी अधिक फीस लेने का आरोप

शिकायत में यह दावा भी किया गया है कि पहले निर्णय और आदेश जारी होने के बावजूद वर्तमान शैक्षणिक सत्र में निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित संस्थानों की भूमिका स्पष्ट करने और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन