CG Ration Card: छत्तीसगढ़ के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सितंबर और अक्टूबर महीने का चावल एक साथ प्राप्त करने की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है।
पहले इस वितरण के लिए 30 सितंबर तक की आखिरी तारीख तय की गई थी, लेकिन कई पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पाया था, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
अब 15 अक्टूबर तक ले सकेंगे दो महीने का चावल
खाद्य विभाग द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार, अब प्रदेश के सभी पात्र राशन कार्ड धारक आगामी 15 अक्टूबर तक सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों का चावल एक साथ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से 1 अक्टूबर से ऑनलाइन पोर्टल भी सुचारू रूप से खोल दिया गया है। खाद्य विभाग ने राज्य की सभी उचित मूल्य की दुकानों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि वे हितग्राहियों को सुगमता से दोनों महीनों का राशन उपलब्ध कराएं।
राशन देने से इनकार करने पर होगी सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने बेहद कड़े शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी राशन दुकान संचालक किसी भी पात्र हितग्राही को सितंबर और अक्टूबर का चावल देने से मना नहीं कर सकता है। यदि किसी दुकान संचालक द्वारा राशन वितरण में किसी भी प्रकार की आनाकानी या लापरवाही बरती जाती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़े प्रशासनिक नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कोर पीडीएस सिस्टम के तहत किसी भी दुकान से ले सकेंगे राशन
कोर पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) की सुविधा के कारण हितग्राही प्रदेश के भीतर किसी भी उचित मूल्य की सरकारी राशन दुकान से अपना चावल प्राप्त कर सकते हैं। दरअसल, नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की ओर से निर्धारित समय के भीतर सभी दुकानों तक दो महीने का चावल नहीं पहुंच पाने के कारण वितरण व्यवस्था कुछ समय के लिए प्रभावित हुई थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
आपूर्ति में देरी पर अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
चावल की आपूर्ति में विलंब और कुप्रबंधन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पहले ही सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले नान के पूर्व जिला प्रबंधक को उनके पद से हटाया जा चुका है, और अब त्रिनाथ रेड्डी ने नए जिला प्रबंधक के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। सरकार के इस फैसले और प्रशासनिक मुस्तैदी से उन सभी कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है, जिन्हें समय पर खाद्यान्न नहीं मिल पाया था।



