रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र और राजनांदगांव सीट से सांसद रहे अभिषेक सिंह अब चिटफंड घोटाले में घिरते नजर आ रहे हैं। अंबिकापुर की जिला कोर्ट ने अभिषेक व अन्य भाजपा नेताओं समेत 20 लोगों के खिलाफ दर्ज परिवाद में पुलिस को जांच कर रिपोर्ट पेश करने हेतु निर्देश दिया है।

अदालत ने कंपनी के संचालकों के साथ-साथ पूर्व राजनांदगांव सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व राजनांदगांव महापौर नरेश डाकलिया और मधुसूदन यादव समेत 20 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।

आपको बता दें कि कुंड्रा के रघुनाथपुर के ग्राम सुमेरपुर के ज्ञानदास ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला अदालत में आवेदन पेश किया था। आवेदक ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टरों, कोर कमेटी के सदस्यों व प्रचारकों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी कंपनी में निवेश करने पर लाभ प्राप्त होगा।

इस पर भरोसा कर उसने 10 हजार रुपए निवेश किया था। अवधि पूरी हो जाने के बावजूद कंपनी ने रकम वापस नहीं की गई। लोग चक्कर लगाते रह गए। कंपनी कारोबार समेटकर गायब हो गई। इसके बाद ज्ञान दास ने वकील के माध्यम से जिला व सत्र न्यायाधीश बीपी वर्मा की कोर्ट में परिवाद दायर किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस से मामले की अतिशीघ्र जांच कर अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है।

इस मामले में कांग्रेसी प्रवक्ता विकास तिवारी ने चुटकी लेते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के रमन राज में ही प्रदेश के लाखों जनता से उनकी गाढ़ी कमाई को लूटा गया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के परिजन एवं भाजपा के बड़े नेता भी शामिल थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।