Snake bite compensation fraud Bilaspur CIMS doctor absconding
Snake bite compensation fraud Bilaspur CIMS doctor absconding

Snakebite Compensation Scam: न्यायधानी के सिम्स (CIMS) में जो डॉक्टर पोस्टमार्टम कर मौत की असली वजह लिखने के लिए बैठा था, वही फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी निकला। आरोप है कि फॉरेंसिक विभाग के डॉ. एसएन गोले ने पैसे लेकर सामान्य मौतों, संदिग्ध मौतों को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘सर्पदंश से मौत’ दिखा दिया, ताकि परिजन सरकारी मुआवजा और बीमा राशि हड़प सकें।

इसी जालसाजी की जांच में खुलासा हुआ तो पुलिस ने डॉ. गोले, डॉ. प्रियंका सोनी समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया। अब तक 19 गिरफ्तार, 3 को हाईकोर्ट से जमानत। लेकिन असली खेल करने वाला डॉ. गोले करीब 2 महीने से फरार है।

फरारी की कीमत: उसके किए हुए 40 दूसरे PM की रिपोर्ट अटकी

अब पेंच ये है कि फर्जी सर्पदंश वाली रिपोर्ट के अलावा डॉ. गोले ने जो 40 दूसरे शवों- सड़क हादसे, हत्या, दुष्कर्म, संदिग्ध मौत के पोस्टमार्टम किए थे, उनकी रिपोर्ट भी उसी के पास अटकी है। सिम्स प्रबंधन के अनुसार मेडिकल फाइंडिंग्स, बिसरा संबंधी नोटिंग उसी की हैंडराइटिंग और रिकॉर्ड में हैं।

दूसरा डॉक्टर उस पर साइन करेगा तो कोर्ट में रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठेगा, इसलिए फॉरेंसिक के बाकी डॉक्टर भी हाथ नहीं डाल रहे। नतीजा- 12 से अधिक संगीन मामलों में पुलिस चालान अटका, 40 से ज्यादा बीमा और मुआवजा दावे लटके। जांजगीर, मुंगेली, कोटा, लोरमी से परिजन सिम्स आ रहे हैं, तारीख लेकर लौट रहे हैं।

गिरफ्तारी के लिए बनीं दो स्पेशल टीम

ASP नगर पंकज पटेल ने कहा है कि आरोपी की जल्द ही गिरफ्तारी होगी। पुलिस की दो टीमें और साइबर सेल लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने स्वास्थ्य संचालनालय को पत्र लिखकर पूछा है कि लंबित 40 रिपोर्ट का कानूनी हल क्या निकाला जाए।

एक डॉक्टर की जालसाजी ने न सिर्फ मुआवजा लूटा, बल्कि 40 परिवारों का इंसाफ भी फंसा दिया। अब इस मुद्दे को लेकर सभी पक्ष परेशान हैं।