Employment Fair Congress Attack: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सरकार रोजगार मेलों के माध्यम से प्राइवेट कंपनियों में 10 हजार रुपये महीने की नौकरी दिलवाकर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के जले पर नमक छिड़क रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उन्हें सिर्फ गुमराह किया जा रहा है।
5 साल में 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा और खाली पड़े पद
कांग्रेस ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ के तहत यह बड़ा वादा किया था कि प्रदेश में आगामी 5 वर्षों के भीतर 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि सरकार को सत्ता में आए पौने तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, और सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े होने के बावजूद भर्तियां नहीं निकाली जा रही हैं। अकेले शिक्षा विभाग में 57 हजार, स्वास्थ्य विभाग में 18 हजार, पीडब्ल्यूडी में 6 हजार और पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक पद रिक्त हैं।
यदि इच्छाशक्ति हो तो एक महीने में भरे जा सकते हैं पद
पार्टी का कहना है कि यदि मौजूदा सरकार में थोड़ी भी इच्छाशक्ति हो तो वह एक महीने के भीतर इन रिक्त पदों पर योग्य युवाओं को सरकारी नौकरी दे सकती है। विभिन्न विभागों को मिलाकर प्रदेश में इस समय एक लाख सात हजार से अधिक पद खाली हैं, जिन पर कोई ठोस भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसके विपरीत, युवा रोजगार की तलाश में भटकने को मजबूर हैं और सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए छोटे-मोटे रोजगार मेलों का ढिंढोरा पीट रही है।

भाजपा की नीतियों से देश और प्रदेश में खत्म हुए रोजगार के अवसर
कांग्रेस ने केंद्र और राज्य दोनों ही स्तरों पर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा आदतन धोखेबाज है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में नोटबंदी और जीएसटी जैसी गलत नीतियों के कारण देश भर में उद्योग-धंधे और व्यवसाय चौपट हो गए, जिससे करोड़ों रोजगार के अवसर हमेशा के लिए खत्म हो गए।
सरकार से मांगा गया तीखा जवाब
प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भाजपा सरकार को प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को यह जवाब देना चाहिए कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत मिलने वाली उन सरकारी नौकरियों का क्या हुआ, जिनका वादा चुनाव के समय किया गया था। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के अधिकारों और रोजगार के मुद्दों पर सरकार का यही रवैया रहा, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।



