Law and Order: छत्तीसगढ़ में राज्य की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब लोगों की उनके घरों में घुसकर हत्याएं की जा रही हैं, लेकिन सरकार और पुलिस पूरी तरह मूकदर्शक बनी हुई है।
राज्यभर में एक के बाद एक खौफनाक वारदातों का दौर
कांग्रेस ने अपने बयान में राज्य के विभिन्न जिलों में हुई जघन्य आपराधिक घटनाओं का हवाला दिया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आरंग में दो लोगों की हत्या, डोंगरगढ़ में मां-बेटे की सनसनीखेज हत्या, राजधानी रायपुर में सरेआम चाकूबाजी और हत्या, तथा सक्ती में एक युवती को घर में घुसकर गोली मारने जैसी घटनाएं डराने वाली हैं। इसके अलावा कोरिया के सोनहत में चार लोगों को जिंदा जलाने, जैजैपुर में भाइयों पर गोली चलाने और पेंड्रा के कोटमी बाजार में सराफा कारोबारी की हत्या जैसी वारदातों ने पूरे प्रदेश में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
राजधानी रायपुर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक फैला अपराध का जाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो जहां रोज हत्या, लूट, बलात्कार और चाकूबाजी की घटनाएं न हो रही हों। राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में सरेआम युवक की हत्या कर जेवरात लूट लिए गए। वहीं, बिन्द्रानवागढ़ के देवभोग में एक परिवार के चार सदस्यों पर धारदार ब्लेड से हमला किया गया, जिसमें महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इन वारदातों से स्पष्ट है कि आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
भाजपा सरकार आने के बाद दर्जनों गोलीकांड और बमबाजी की घटनाएं
सुशील आनंद शुक्ला ने आंकड़े रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के गठन के बाद से एक दर्जन से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। अकेले राजधानी रायपुर में आठ गोलीकांड हो चुके हैं। इसके अलावा बिलासपुर, पेंड्रा-गौरेला-मरवाही, दुर्ग, मस्तूरी, जांजगीर-चांपा, जशपुर और कवर्धा में भी सरेआम गोलियां चली हैं। राजधानी के हीरापुर में बम से हमला होने और बिरगांव में अवैध रूप से बम बनाए जाने जैसी घटनाएं पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

अपराधियों में खत्म हुआ कानून और पुलिस का खौफ
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब से छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता आई है, अपराधियों में पुलिस और कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थिति यह है कि अब सत्ताधारी दल के नेता और जनप्रतिनिधि भी कानून को ताक पर रख रहे हैं। सीतापुर से भाजपा विधायक द्वारा तहसीलदार के साथ मारपीट करने और भाजयुमो नेताओं द्वारा पुलिस का कॉलर पकड़ने जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य में प्रशासनिक अनुशासन पूरी तरह चरमरा गया है।
राजनीतिक द्वेष और दमन में व्यस्त है सरकार
गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार और प्रशासन का पूरा ध्यान केवल राजनीतिक द्वेष निकालने और विपक्षी दलों के नेताओं को प्रताड़ित करने में लगा हुआ है। राज्य में कानून व्यवस्था को संभालना और अपराधों पर अंकुश लगाना इस सरकार की प्राथमिकता सूची में ही नहीं है। पुलिस और प्रशासन का उपयोग केवल राजनीतिक षड्यंत्र रचने और दमन करने के लिए किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर हथियार लहराने और गैंगवार का नया ट्रेंड
कांग्रेस ने चिंता जताई कि सरकार की अकर्मण्यता के कारण बदमाशों के हौसले आसमान छू रहे हैं। आज अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर खुलेआम हथियार लहराते हुए रील बनाकर धमकियां देने का नया दौर शुरू हो चुका है, जिस पर लगाम कसने में पुलिस पूरी तरह विफल साबित हो रही है। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा और श्याम नगर जैसे इलाकों में पूरे मोहल्ले की लाइट गुल कर गैंगवार होना, दिनदहाड़े चाकूबाजी और गोलीबारी होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अपराधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय शूटरों और कुख्यात गिरोहों का ठिकाना बना छत्तीसगढ़
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि छत्तीसगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय शूटरों और कुख्यात गिरोहों के गुर्गों की पनाहगाह बनता जा रहा है। बाहरी अपराधियों का प्रदेश में बेखौफ आना और वारदातों को अंजाम देना आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार गहरी नींद से जागे और राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए, अन्यथा जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।



