CG Cow Deaths Controversy: प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ब्लॉक स्थित सूरजपुरा गांव में एक बंद गोठान के भीतर 20 गायों की भूख से मौत होने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश भर में चारे के अभाव और सड़कों पर भटक रहे पशुओं की अकाल मौत हो रही है। न तो गौ अभ्यारण्य बनाए गए और न ही ‘गोधाम’ का वादा धरातल पर उतरा, जो सिर्फ कागजों तक सीमित है।
एक महीने में 240 से अधिक मवेशियों की मौत का आरोप
कांग्रेस के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर रायपुर, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कवर्धा, महासमुंद और कांकेर जिलों में कुल मिलाकर 240 से अधिक गायों की मौतें दर्ज की गई हैं। पार्टी का आरोप है कि गोठानों के बंद होने के कारण मवेशी सड़कों पर आ गए हैं, जहां वे हादसों और भुखमरी का शिकार हो रहे हैं।
गोठान बंद, न गौधाम बने और न ही गौ अभ्यारण्य
सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मवेशियों की सुरक्षा के लिए गोठान बनाए गए थे और गोबर खरीदी जैसी योजनाएं शुरू की गई थीं। वर्तमान सरकार ने गोठान तो बंद कर दिए, लेकिन विकल्प के रूप में न तो गौ अभ्यारण्य बनाए गए और न ही ‘गोधाम’ का वादा धरातल पर उतरा, जो सिर्फ कागजों तक सीमित है।
चारे के लिए अपर्याप्त अनुदान पर सरकार को घेरा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गोधामों में चारे के लिए प्रति पशु मात्र 10 रुपये प्रतिदिन के आवंटन की घोषणा की गई है, जिसमें आज के समय में चारे की व्यवस्था होना असंभव है। पार्टी का कहना है कि गोवंश के नाम पर सिर्फ राजनीति की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद दयनीय और चिंताजनक है।
भाजपा शासित राज्यों और नीतियों पर तीखा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को गो-संरक्षक बताने वाली भाजपा के शासनकाल में गौवंश की तस्करी हो रही है और उन्हें स्लाटर हाउस भेजा जा रहा है। कांग्रेस ने इलेक्टोरल बांड और बीफ निर्यात के आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
- कांग्रेस ने बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ब्लॉक के सूरजपुरा गांव में गायों की मौत का दावा किया है।
- पिछले एक महीने में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 240 से अधिक गायों की मौत होने का आरोप लगाया गया है।
- सरकार द्वारा प्रति पशु 10 रुपये प्रतिदिन चारा के लिए आवंटन की बात कही गई है।
- कांग्रेस ने गोठानों के बंद होने और वैकल्पिक व्यवस्था (गोधाम/गौ अभ्यारण्य) के धरातल पर न उतरने को इसका मुख्य कारण बताया है।



