CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस और विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘वोट चोरी’ सीधे तौर पर देश के साथ गद्दारी है, जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी देशव्यापी और निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश की पूरी चुनाव प्रणाली को दूषित करने का कुचक्र रचा है।
एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के नाम पर भाजपा के इशारे पर देश भर के 13 करोड़ से अधिक वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह कृत्य केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता को बचाए रखने और भाजपा को चुनाव जिताने के लिए किया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले में अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार करने का दावा
दीपक बैज ने खुलासा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर 14 मौकों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं और अपनी टिप्पणियां दी थीं। हालांकि, इन लोकतांत्रिक आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। आयोग के रिकॉर्ड में ये तथ्य मौजूद होने के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अपनी मनमानी चलाना इस बात का प्रमाण है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी।
ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की कठपुतली होने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने वाली एक कठपुतली की भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम जैसे राज्यों में चुनाव प्रक्रियाओं को लेकर उठे गंभीर सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने का दावा
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने पूरी चुनाव प्रणाली को हाईजैक कर लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि दिसंबर 2023 में संसद से विपक्ष के सांसदों को बाहर निकालकर एक ऐसा कानून बनाया गया था, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तारी और अभियोजन से विशेष संरक्षण प्रदान किया गया, ताकि वे ऐसे लोकतंत्र विरोधी षडयंत्रों को बेखौफ अंजाम दे सकें।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर लगी मुहर
कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब 15 महीने पहले ही ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाकर देश का ध्यान आकर्षित किया था। आज चुनाव आयुक्तों की दबी और लिखित आपत्तियों से राहुल गांधी के वे तमाम आरोप पूरी तरह प्रमाणित हो रहे हैं। यह साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद और दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता से करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया रोकने और नाम बहाल करने की मांग
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। इसके साथ ही, मतदाता सूची से दोषपूर्ण तरीके से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम फौरन बहाल किए जाएं ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता को बचाया जा सके।
देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए अंतिम दम तक लड़ेगी कांग्रेस
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, मताधिकार और लोकतंत्र को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। पार्टी इस तानाशाही रवैये के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक और अदालत से लेकर जनता के बीच तक अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी।



