Ram Van Gaman Path: छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के विकास को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राम वन गमन पथ के कार्यों को ठप कर दिया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर नहीं है और सिर्फ राजनीति कर रही है। यह सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
पौने तीन साल में एक भी ईंट नहीं लगाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 31 नए स्थलों का चिंकारा जाना केवल पुराने चल रहे कार्यों को रोकने का एक बहाना मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि पौने तीन साल बीत जाने के बाद भी भाजपा सरकार ने राम वन गमन पथ पर एक ईंट तक नहीं लगवाई है।
चंदखुरी में मूर्ति न बदल पाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने आगे कहा कि सरकार नहीं चाहती कि राम वन गमन पथ का कार्य समय पर पूरा हो। स्थिति यह है कि पिछले पौने तीन सालों में भगवान राम की चंदखुरी स्थित मूर्ति तक को बदला नहीं जा सका है, जबकि वह मूर्ति बनकर पूरी तरह तैयार रखी हुई है।
पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यों का किया जिक्र
कांग्रेस ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि 15 साल तक भाजपा भगवान राम और माता कौशल्या को पूरी तरह भूल चुकी थी। इसके विपरीत, कांग्रेस सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल के भीतर ही श्री राम वन गमन पथ के 10 महत्वपूर्ण स्थानों को विकसित कर दिखाया था, जिससे इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी।
सीतामढ़ी हरचौका से रामाराम तक की योजना का ठप होना
कांग्रेस के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वनवास काल के ऐतिहासिक पलों को याद दिलाने वाले इस मार्ग के तहत सीतामढ़ी हरचौका से रामाराम तक लगभग 2260 किलोमीटर की व्यापक योजना को साकार रूप दिया जा रहा था। लेकिन जैसे ही प्रदेश में भाजपा की सरकार आई, इन सभी प्रगतिरत कार्यों पर रोक लगा दी गई।
राष्ट्रीय रामायण सर्किट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा का आरोप
केंद्र सरकार की रामायण सर्किट परियोजना का जिक्र करते हुए यह भी आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार द्वारा रामायण कालीन स्थानों के संरक्षण के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तरीके से छत्तीसगढ़ के उन मार्गों को इसमें शामिल नहीं किया गया जहाँ भगवान राम ने अपने वनवास के अधिकांश दिन बिताए थे।
जनाक्रोश दबाने और नाकामी छिपाने का नया हथकंडा
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका माना जाता है। इसके बावजूद रामायण सर्किट में राज्य की उपेक्षा करना और अब नए स्थलों का राग अलापना केवल जनता के आक्रोश को दबाने और अपनी प्रशासनिक नाकामी को छिपाने का एक राजनीतिक षड्यंत्र है।



