रायपुर। सरकार के खिलाफ संविदा कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के नेताओं ने कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया था। छत्तीसगढ़ में विधानसभा व लोकसभा चुनाव भी खत्म हो चुके हैं। अब तक इन कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। जो कर्मचारी काम कर रहे हैं उन्हें भी काम से बाहर कर दिया गया है।

सरकार के खिलाफ लामबंद संविदाकर्मी

कर्मचारियों के साथ की गई वादा खिलाफी विरोध में 16 जून को संविदा कर्मचारी संघ के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 16 जून को ही महारैली भी निकाली जाएगी। इस संबंध में अनियमित और संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तर पर एक बैठक का आयोजन किया। संघ का कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के नेताओं से आश्वासन मिला था। अब प्रदेश में विधानसभा के साथ लोकसभा चुनाव भी खत्म हो गए हैं। मगर उन्हें नियमित करने के नाम पर आश्वासन ही मिला है।

वादाखिलाफी कर रही सरकार 

नौकरी के नाम पर की गई वादाखिलाफी के चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। जिसके विरोध में संघ द्वारा विशाल रैली के साथ धरना प्रदर्शन करने की बात की जा रही है। संघ का यह भी कहना है कि चुनाव के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने धरना स्थल पर आकर नियमितीकरण की बात की थी। मगर आज चुनाव जीतने के बाद उनके साथ आश्वासन के उलट व्यवहार किया जा रहा है। जो कर्मचारी अनियमित थे और संविदा पर काम कर रहे थे उन्हें भी निकाला जा रहा है।

कर्मचारियों के साथ किया गया छल

अब कर्मचारी संघ का कहना है कि हमारे साथ सरकार की ओर से छलावा किया गया है। अब कर्मचारी सरकार के इस छलावे को अब बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में उन्हें इस तरह का कदम मजबूरन उठाना पड़ रहा है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।