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Cyber ​​Fraud : दुर्ग में साइबर क्राइम का नेटवर्क ध्वस्त, 8 म्यूल अकाउंट सीज

Cyber ​​Fraud : दुर्ग में साइबर क्राइम का नेटवर्क ध्वस्त, 8 म्यूल अकाउंट सीज
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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Cyber ​​Fraud : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले की छावनी, उतई और दुर्ग कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 8 लोगों पर केस दर्ज किया है। ये लोग अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को बेच देते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने में होता था। पुलिस ने इनके पास से कई दस्तावेज और सिम कार्ड बरामद किए हैं।

कमीशन के लालच में फंसाए गए बैंक खाते

जांच में सामने आया है कि आरोपी कुछ हजार रुपयों के लालच में अपना सब कुछ बेच देते थे। वे अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और लिंक सिम साइबर अपराधियों को दे देते थे। इसके बदले उन्हें 10 से 15 हजार रुपये तक का कमीशन मिलता था। यही वजह है कि साइबर अपराधी इन खातों का उपयोग बेधड़क होकर करने लगते थे।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इन दिनों विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दुर्ग की एसीसीयू टीम ने बैंक खातों का रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य खंगाले हैं। तकनीकी विश्लेषण के बाद इन खातों का पूरा मनी ट्रेल पुलिस के हाथ लग गया। इसके बाद 15 जुलाई को सभी 8 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं।

आम जनता के लिए पुलिस की अपील

पुलिस के अनुसार, खाता बेचने वाले लोग यह नहीं जानते कि वे बड़े अपराध में भागीदार बन रहे हैं। दुर्ग ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने लोगों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता या कार्ड न दें। अपना सिम कार्ड किसी को भी किराए पर देना या बेचना कानूनी अपराध है। ऐसी लापरवाही आपको जेल की सलाखों के पीछे भेज सकती है।

FAQs

दुर्ग पुलिस ने कितने खाताधारकों पर केस दर्ज किया है?

पुलिस ने साइबर ठगी में शामिल 8 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की है।

म्यूल बैंक खाता क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति अपना बैंक खाता ठगी करने वालों को इस्तेमाल के लिए दे देता है, तो उसे म्यूल खाता कहते हैं।

आरोपी खाता क्यों बेचते थे?

वे 10 से 15 हजार रुपये के कमीशन या लालच में अपने खाते बेच देते थे।

क्या खाताधारक भी अपराधी माने जाते हैं?

जी हाँ, यदि आपका खाता ठगी में इस्तेमाल होता है, तो खाताधारक कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है।

पुलिस ने क्या अपील की है?

अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम किसी भी व्यक्ति को बेचने या देने से साफ मना किया गया है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

कृषि एवं ग्रामीण विकास विशेष संवाददाता

The Rural Press में कृषि संकट, किसान आंदोलन, ग्रामीण विकास एवं स्थानीय प्रशासन पर केंद्रित विशेष खोजी रिपोर्टिंग।

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