शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026 शुक्र, 23 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
• Surajpur: मां-बेटे की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, 20 लाख के लालच में सहकर्मी टीचर के पति ने किया था कत्ल, CCTV फुटेज बना पुलिस का हथियार • Siwan firecracker factory blast : पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट,पति-पत्नी समेत 7 की मौत, डेढ़ घंटे तक होते रहे धमाके, मौके पर पुलिस मौजूद • Neha Bora Delhi High Court: नेहा बोरा को बड़ा झटका, प्रिवेंटिव डिटेंशन बॉन्ड के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका • CG Commerce Federation: रायपुर में 24 अक्टूबर को लगेगा ‘गढ़बो हमर व्यापार’ शिविर, ONDC, AI और नई औद्योगिक नीतियों का मिलेगा प्रशिक्षण • President Draupadi Murmu: ‘मैं भी हूं मांझी की बेटी’, मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- बस्तर की परंपराओं को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़

CG Congress: दशहरा संपन्न होने से पहले जोगी परिवार को खदेड़ना महापाप, BJP ने परंपराओं से किया खिलवाड़-दीपक बैज

Bastar Dussehra: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने विष्णुदेव साय सरकार पर बस्तर की विश्व प्रसिद्ध एवं पवित्र परंपरा ‘बस्तर दशहरा’ को प्रशासनिक तानाशाही का शिकार बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस जोगी विधान के बिना बस्तर का दशहरा अधूरा माना जाता है, उस विधान को निभाने वाले जोगी […]

Bastar Dussehra controversy
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Bastar Dussehra: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने विष्णुदेव साय सरकार पर बस्तर की विश्व प्रसिद्ध एवं पवित्र परंपरा ‘बस्तर दशहरा’ को प्रशासनिक तानाशाही का शिकार बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि जिस जोगी विधान के बिना बस्तर का दशहरा अधूरा माना जाता है, उस विधान को निभाने वाले जोगी दौलत नाग और उनके परिवार को राष्ट्रपति के दौरे की सफाई का बहाना बनाकर सिरहासार भवन से बेदखल कर दिया गया। बैज ने इसे बस्तर के आदिवासियों की धार्मिक आस्था पर सीधा हमला करार दिया है।

पवित्र रस्मों और मान्यताओं से खिलवाड़

दीपक बैज ने कहा कि पहले पवित्र रथ को जेसीबी से खिंचवाकर बस्तर दशहरा की परंपरा का मजाक उड़ाया गया और अब जोगी परिवार को सिरहासार भवन से बाहर निकाल दिया गया। इस कदम की वजह से जोगी परिवार नवाखानी, काछन जात्रा और माई दंतेश्वरी की बिदाई जैसी अति-महत्वपूर्ण रस्मों से वंचित हो गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए बस्तर का यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्व अब महज एक ‘इवेंट मैनेजमेंट’ और ‘फोटो-ऑप’ बनकर रह गया है।

बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता पर सीधा प्रहार

बैज ने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के दौरे के नाम पर सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं को दरकिनार किया जाना बेहद संवेदनशील और आक्रोश पैदा करने वाला विषय है। जोगी परिवार को रस्मों के बीच से बेदखल करना न केवल बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता पर प्रहार है, बल्कि यह मांझी-चालकियों, पुजारी समाज और स्थानीय आदिवासियों के स्वाभिमान व अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है।

कांग्रेस सरकार और भाजपा शासन के दृष्टिकोण का अंतर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान ‘बस्तर दशहरा’ के बजट में बढ़ोतरी की गई थी। इसके साथ ही देवगुड़ी व माता गुड़ी का जीर्णोद्धार कराया गया और मांझी-चालकियों व जोगी परिवार के सम्मान और मानदेय की समुचित व्यवस्था की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस ने हमेशा छत्तीसगढ़ी और आदिवासी तीज-त्योहारों को राज्य के स्वाभिमान से जोड़कर सर्वोच्च सम्मान दिया, वहीं वर्तमान भाजपा शासन में परंपराओं का निरंतर अपमान हो रहा है।

दीपक बैज ने मुख्यमंत्री से पूछे 5 सीधे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से 5 तीखे सवाल पूछे हैं:

पहला सवाल: क्या राष्ट्रपति महोदया के दौरे की सफाई का मतलब बस्तर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं और जोगी विधान को कुचलना है?

दूसरा सवाल: पवित्र रथ को ट्रैक्टर/जेसीबी से खिंचवाने और जोगी परिवार को जबरन बेदखल करने का आदेश किस अधिकारी ने दिया? क्या सरकार उस अफसर पर कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाएगी?

तीसरा सवाल: जो भाजपा खुद को आदिवासियों की हितैषी बताती है, उसके राज में माई दंतेश्वरी के जोगी को कुटुंब जात्रा और बिदाई रस्म से दूर क्यों रखा गया?

चौथा सवाल: क्या भाजपा सरकार के लिए बस्तर की पावन परंपराएं केवल एक ‘इवेंट’ हैं, जिन्हें जब चाहे प्रशासन अपने बूटों तले रौंद दे?

पांचवां सवाल: इस घोर पाप और बस्तर के आदिवासियों की भावनाएं आहत करने के लिए क्या मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन पूरे बस्तर समाज से सार्वजनिक माफी मांगेंगे?

आदिवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ पर घेरा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चेतावनी दी कि यदि बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का इसी प्रकार अनादर होता रहा, तो कांग्रेस पार्टी आदिवासियों के हक और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक मुखर विरोध दर्ज कराएगी।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन