CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने एक तीखे बयान में केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय अघोषित आपातकाल जैसे हालात बने हुए हैं, जहां लोकतंत्र को लगातार कुचला जा रहा है।
संवैधानिक अधिकारों का खुलेआम हनन हो रहा है और जनता के वोट की ताकत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर भी लगातार हमले हो रहे हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर रोक और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के लिए बेरहमी से बैरिकेडिंग की जा रही है, सड़कों पर कीलें ठोकी जा रही हैं, यातायात बाधित किया जा रहा है और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने जैसी दमनकारी नीतियां अपनाई जा रही हैं।
तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों की चुप्पी पर गंभीर सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने बड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि जब देश में लोकतंत्र पर इतना बड़ा संकट आया हुआ है, तब लोकतंत्र की रक्षा का बढ़-चढ़कर दावा करने वाले तथाकथित ‘लोकतंत्र सेनानी’ आखिर कहां गायब हैं? क्या उनका लोकतंत्र प्रेम सिर्फ हर महीने पेंशन की तारीख आने तक ही जागता है? आज जब युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और बेटियां न्याय मांग रही हैं, तब ये सेनानी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।
वैचारिक निष्ठा और राजनीतिक सुविधा पर तंज
कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि इन तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों में से कई लोगों की राजनीतिक निष्ठा कभी भी वास्तविक लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति नहीं रही, बल्कि वह संघ और भाजपा की वैचारिक सोच के प्रति समर्पित रही है। उनकी यह चुप्पी इस गंभीर सवाल को जन्म देती है कि क्या उनका लोकतंत्र प्रेम सिद्धांतों पर आधारित है या केवल उनकी राजनीतिक सुविधा पर?
जनता के टैक्स से मिलने वाली पेंशन और लोकतांत्रिक दायित्व
प्रवक्ता ने कहा कि जनता के खून-पसीने की कमाई और टैक्स से मिलने वाली पेंशन किसी भी व्यक्ति को उसके लोकतांत्रिक दायित्वों से मुक्त नहीं करती है। लोकतंत्र कोई तमगा या मेडल नहीं है, बल्कि एक गंभीर जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी की असली और खरी परीक्षा तब होती है, जब सत्ता के खिलाफ कोई जनआवाज उठाई जाती है।
डॉ. अंबेडकर के संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन आज भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, मीडिया की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकार को सुनियोजित तरीके से कुचलने का काम कर रही है।
परीक्षा की इस घड़ी में जनता को चाहिए संविधान के रक्षक
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की परीक्षा के इस दौर में जनता को केवल पेंशन लेने वाले तमगेधारी लोग नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसे लोग चाहिए जो संविधान और नागरिक अधिकारों के पक्ष में खुलकर खड़े हो सकें। आज जनता सब देख रही है और यह भली-भांति समझ रही है कि लोकतंत्र की रक्षा के इस अहम सवाल पर कौन खुलकर बोल रहा है और कौन खामोशी की चादर ओढ़े बैठा है।
जनता के बीच जवाबदेह बनने की चेतावनी
कांग्रेस ने देश के तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों और सत्ता में बैठे लोगों को चेतावनी दी है कि उन्हें जनता के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि जब देश का लोकतंत्र खतरे में था, तब वे जनता के साथ खड़े थे या फिर सत्ता की सुविधाओं के साथ समझौता कर चुके थे। इतिहास और जनता दोनों ही इन तमाम खामोशियों का हिसाब लेंगे।



