रायपुर। छत्तीसगढ़ी कलाकारों के लिए अच्छी खबर आई है। अब पूरे प्रदेश में मल्टीप्लेक्स में भी छत्तीसगढ़ी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्में लगाने के लिए मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन तैयार हो गया है। पिछले कई दिनों से छत्तीसगढ़ी कलाकार मल्टीप्लेक्स में फिल्मों को नहीं चलाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार के हस्ताक्षेप के बाद एसोसिएशन की तरफ से मेल आया है जिसमें सहमति बन गई है। इसके बाद भी बुधवार को छत्तीसगढ़ी कलाकार अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

कांग्रेस संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिलीप षणंगी का कहना है कि राज्य सरकार के प्रयास से सफलता मिली है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन को मेल किया गया था। कलाकारों द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था जिसका नतीजा है कि उन्हें मेल का जवाब देना पड़ा। प्रदेश के मल्टीप्लेक्सों में छत्तीसगढ़ी फिल्में दिखाने पर सहमति बन गई है।

उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने 15 सालों में अगर छत्तीसगढ़ी कलाकारों पर ध्यान दिया होता तो कलाकारों का कायाकल्प हो गया होता। लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले 15 सालों में सलमान खान, करिश्मा कपूर, सोनू निगम आदि बड़े कलाकारों की खातिरदारी में व्यस्त थी। इससे छत्तीसगढ़ी कलाकारों की भावनाएं आहत हुई हैं। अब भूपेश सरकार हमें सहयोग कर रही है।

छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्देशक संतोष जैन का कहना है कि मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के तरफ से मेल जरुर आया है, लेकिन उन्होंने हमारे नियम और शर्तों को नहीं माना है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकारों सहित फिल्म निर्माण जुड़े सभी लोगों द्वारा 5 जून का बड़ी प्रदर्शन जारी रहेगा। रायपुर से लेकर बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई-राजनाँदगाँव तक में मॉल, सिटी सेंटर में संचालित मल्टीप्लेक्स सिनेमा को बंद कराया जाएगा। हमारी शर्तों के आधार जब तक इसे लागू नहीं होगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।