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Rajnandgaon: अफसरों की लापरवाही की सजा भुगत रहा सरकारी विभाग, नगर पंचायत के बाद अब DUDA की संपत्तियों की भी होगी कुर्की

Rajnandgaon: अफसरों की लापरवाही की सजा भुगत रहा सरकारी विभाग, नगर पंचायत के बाद अब DUDA की संपत्तियों की भी होगी कुर्की
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Government department to be punished for negligent officers: फर्म का काम पूरा हुआ, बिल बना, फाइल चली, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
  • अफसर टालते रहे, कर्मचारी फाइल दबाते रहे और मामला कोर्ट पहुंच गया।
  • अब नतीजा ये है कि सरकारी संपत्तियां कुर्क हो रही हैं।
  • राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में यही हुआ है।

Government department to be punished for negligent officers: फर्म का काम पूरा हुआ, बिल बना, फाइल चली, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अफसर टालते रहे, कर्मचारी फाइल दबाते रहे और मामला कोर्ट पहुंच गया। अब नतीजा ये है कि सरकारी संपत्तियां कुर्क हो रही हैं।

राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में यही हुआ है। सरकारी विभागों के अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक फर्म को समय पर भुगतान नहीं हो सका और अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी संपत्तियों की कुर्की शुरू कर दी है।

पहले डोंगरगांव नगर पंचायत की संपत्तियां कुर्क हुईं। अब जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) की चल संपत्तियों पर भी कुर्की की तैयारी है। पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

फायर ब्रिगेड से लेकर क्रेन तक – सब जब्त

4 नवंबर को न्यायालय की टीम गवाहों की मौजूदगी में डोंगरगांव नगर पंचायत कार्यालय पहुंची। न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई करते हुए फायर ब्रिगेड, टैंकर, ट्रैक्टर, क्रेन, वैक्यूम मशीन, हॉर्स गाड़ी और तीन एसी समेत कई सामान जब्त कर लिए गए।

ये वो संसाधन हैं जो जनता की सेवा के लिए थे। आग लगती तो फायर ब्रिगेड काम आती, सफाई के लिए वैक्यूम मशीन और ट्रैक्टर काम आते। लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण आज ये सब कुर्की की सूची में हैं। फिलहाल जब्त की गई सभी संपत्तियों को नगर पंचायत परिसर में ही रखा गया है।

सिर्फ 13 लाख 60 हजार के लिए कुर्की?

पूरा मामला सिंध एजेंसी के प्रोपराइटर और संबंधित विभागों के बीच भुगतान विवाद से जुड़ा है। सिविल एक्सीक्यूशन केस क्रमांक 19/2025 न्यायालय में दर्ज है।

दस्तावेजों के अनुसार, एजेंसी की कुल बकाया राशि 13 लाख 60 हजार 406 रुपये 71 पैसे है। यानी महज 13 लाख रुपये के भुगतान में लापरवाही हुई और अब करोड़ों की सरकारी संपत्ति कुर्क हो रही है।

लंबे समय तक भुगतान नहीं होने के बाद तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगांव की अदालत ने कुर्की वारंट जारी किया था। इसी आदेश के पालन में नगर पंचायत की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।

अब DUDA की बारी

नगर पंचायत में कार्रवाई के बाद अब जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) कार्यालय की चल संपत्तियों पर भी कुर्की की कार्रवाई प्रस्तावित है। न्यायालय के आदेश के तहत DUDA की संपत्तियों की सूची के आधार पर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सबसे बड़ा सवाल – जिम्मेदार कौन?

इस कुर्की ने तीन बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब प्रशासन को देना होगा।

1. बकाया भुगतान समय रहते क्यों नहीं किया गया?

2. भुगतान की जिम्मेदारी किस विभाग और किस अधिकारी की थी?

3. फाइल किसकी टेबल पर अटकी और लापरवाही किस स्तर पर हुई?

फर्म ने काम किया, सरकार ने सेवा ली, लेकिन भुगतान के समय अफसरों ने फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब कोर्ट के आदेश पर सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की कुर्की की नौबत आ गई है।

फिलहाल न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई जारी है। नगर पंचायत के बाद DUDA की संपत्तियों पर प्रस्तावित कार्रवाई के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बकाया राशि का भुगतान कब तक होता है और लापरवाह अफसरों-कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. डोंगरगांव में सरकारी संपत्ति क्यों कुर्क हुई?

अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते सिंध एजेंसी को समय पर भुगतान नहीं हुआ, इसलिए न्यायालय ने कुर्की का आदेश दिया।

Q2. कितनी राशि बकाया है?

कुल बकाया राशि 13 लाख 60 हजार 406 रुपये 71 पैसे बताई गई है।

Q3. क्या-क्या जब्त किया गया?

फायर ब्रिगेड, टैंकर, ट्रैक्टर, क्रेन, वैक्यूम मशीन, हॉर्स गाड़ी और तीन एसी समेत कई सामान।

Q4. कार्रवाई किस कोर्ट के आदेश पर हुई?

तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगांव की अदालत ने कुर्की वारंट जारी किया था। केस नंबर – सिविल एक्सीक्यूशन केस 19/2025।

Q5. अब आगे किसकी संपत्ति कुर्क होगी?

जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) कार्यालय की चल संपत्तियों पर कुर्की प्रस्तावित है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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