Chhattisgarh’s first open jail: प्रदेश की जेल व्यवस्था में सुधारवादी प्रयोग के तहत छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल (OCI) की शुरुआत दुर्ग से हो गई है। केंद्रीय जेल दुर्ग परिसर में बने ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन का शुभारंभ DG जेल हिमांशु गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मनीष संभाकर समेत जेल स्टाफ मौजूद रहा।
जेल विभाग ने केंद्रीय जेल दुर्ग की मौजूदा अधोसंरचना का इस्तेमाल कर यह नई व्यवस्था शुरू की है। मकसद है – अच्छे आचरण वाले बंदियों को नियंत्रित छूट के साथ काम करने और फिर से समाज से जुड़ने का मौका देना।
क्या है नई व्यवस्था – 30 बंदी, सुबह बाहर, शाम को वापसी
नए OCI में फिलहाल 30 बंदियों को रखा जाएगा। ये बंदी सुबह तय प्रक्रिया पूरी कर जेल से बाहर अपने निर्धारित कार्यस्थल पर जाएंगे और दिनभर काम करने के बाद शाम को वापस जेल आ जाएंगे। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर हाल में शाम 6 बजे से पहले सभी बंदियों की वापसी होगी, ताकि लॉकअप प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
विभाग का मानना है कि इससे बंदियों में जिम्मेदारी, अनुशासन और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। वे रोजगार से जुड़ने के साथ-साथ परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा पाएंगे।
21 को अधिसूचना, 22 को शुभारंभ
छत्तीसगढ़ शासन ने 21 सितंबर 2026 को खुली जेल को लेकर अधिसूचना जारी की थी और ठीक अगले दिन दुर्ग में इसे जमीन पर उतार दिया गया। इसे कौशल विकास और पुनर्वास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
किसे मिलेगा मौका?
जेल प्रशासन ने पात्रता तय की है। 10 साल से ज्यादा सजा काट रहे, 30 से 60 साल की उम्र वाले, शारीरिक रूप से फिट और जेल में अच्छा बर्ताव रखने वाले बंदियों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे बंदी जिन्होंने कम से कम दो बार पैरोल पर जाकर तय समय पर सरेंडर किया हो, उन्हें चुना जा रहा है। महिला बंदी और आबकारी एक्ट के बंदियों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
सीधे बाहर नहीं, पहले जेल में ट्रायल
चयनित बंदियों को शुरुआत में सीधे बाहर नहीं भेजा जाएगा। पहले चरण में उन्हें जेल परिसर के अंदर ही आस्था नाश्ता कैंटीन, गौशाला सहित अन्य कामों में लगाया जाएगा। ट्रायल और समीक्षा के बाद ही बाहर काम करने की अनुमति दी जाएगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. छत्तीसगढ़ की पहली खुली जेल कहां शुरू हुई?
— केंद्रीय जेल दुर्ग में। यह प्रदेश की पहली ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (OCI) है जिसका उद्घाटन DG जेल हिमांशु गुप्ता ने किया।
Q2. बंदियों को क्या छूट मिलेगी?
— 30 पात्र बंदी दिन में निर्धारित प्रक्रिया के तहत बाहर जाकर काम कर सकेंगे और उन्हें शाम 6 बजे से पहले जेल लौटना होगा। इससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
Q3. पात्रता क्या रखी गई है?
— 10 साल से अधिक सजा, 30-60 साल उम्र, शारीरिक रूप से सक्षम, अच्छा आचरण और 2 बार पैरोल पर समय से वापसी। महिला और आबकारी एक्ट के बंदी शामिल नहीं हैं।



