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Durg University Bhupendra Kuldeep Removed: दुर्ग यूनिवर्सिटी के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप हटाए गए, जानें क्या है मामला

दुर्ग-भिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय यानी दुर्ग विश्वविद्यालय में शासन ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना बदल दी। उन्हें कुलसचिव के पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। डॉ. अनिल पांडेय संभालेंगे प्रभारी […]

Durg University Bhupendra Kuldeep Removed: दुर्ग यूनिवर्सिटी के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप हटाए गए, जानें क्या है मामला
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

दुर्ग-भिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय यानी दुर्ग विश्वविद्यालय में शासन ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना बदल दी। उन्हें कुलसचिव के पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है।

डॉ. अनिल पांडेय संभालेंगे प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी

भूपेंद्र कुलदीप की जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव बनाया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के बाद अब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी डॉ. पांडेय संभालेंगे।

वेतन से राशि लेने के मामले में दर्ज हुई थी एफआईआर

भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने विश्वविद्यालय में मिली शिकायत के बाद गठित तथ्य-संग्रह समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की थी।

बेटे के खाते में राशि भेजने का भी आरोप

मामले में कुलदीप पर महिला कर्मचारी के वेतन से राशि लेने और कथित तौर पर उसका एक हिस्सा उनके बेटे के बैंक खाते में स्थानांतरित कराने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच पुलिस स्तर पर जारी है।

पहले ही वापस लिए जा चुके थे वित्तीय अधिकार

एफआईआर दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने भी कुलसचिव की वित्तीय भूमिका को लेकर फैसला लिया था। 29 अगस्त को भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय के भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में उनके हस्ताक्षर की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।

वित्तीय लेन-देन के लिए नई व्यवस्था

कुलसचिव के वित्तीय अधिकार वापस लिए जाने के बाद वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी। विश्वविद्यालय में वित्तीय लेन-देन को इसी नई व्यवस्था के तहत संचालित करने का निर्णय लिया गया था।

तीन साल के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की मांग

कार्यपरिषद के फैसले में विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और कामकाज की निरंतरता को ध्यान में रखने की बात कही गई थी। इसी बीच विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन का ऑडिट कराने की मांग भी सामने आई थी। अब कुलसचिव के पद से हटाए जाने के बाद विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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