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एसपी के तबादले के बाद युवक ने अनूठे तरीके से जताया विरोध : कार्यालय का गंगाजल से किया शुद्धिकरण

एसपी के तबादले के बाद युवक ने अनूठे तरीके से जताया विरोध : कार्यालय का गंगाजल से किया शुद्धिकरण
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)। प्रदेश के कुछ जिलों में पुलिस अधीक्षकों के तबादले के बीच एक अनूठी घटना ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। MCB जिले में एसपी के तबादले के बाद एक युवक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया। युवक का कहना है कि पूर्व एसपी के कार्यकाल में उसकी शिकायत पर न्याय नहीं मिला, इसलिए उसने यह कदम प्रशासन में “शुद्धता लाने” के प्रतीक के रूप में उठाया।

एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में रविवार को चैनपुर निवासी रघुनाथ सिंह गोंड नामक युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पहुंचकर गंगाजल छिड़का और विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यालय का “शुद्धिकरण” किया।

शुद्धिकरण की क्या है वजह..?

रघुनाथ सिंह का कहना है कि यह कदम उन्होंने प्रशासन में शुद्धता लाने और न्याय की अपेक्षा में उठाया है। उनका आरोप है कि उनके पूर्वजों की भूमि पर शहर के दो लोगों ने कब्जा कर लिया है, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

युवक ने बताया कि उन्होंने पहले मनेन्द्रगढ़ थाने में जमीन कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी, फिर एसपी कार्यालय में भी आवेदन दिया, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब जब जिले के पूर्व एसपी चंद्र मोहन सिंह का तबादला हो गया है, तो वे चाहते हैं कि नए एसपी के कार्यकाल की शुरुआत “पवित्रता और न्याय” के माहौल में हो।

आमरण अनशन के बाद भी नहीं मिला न्याय

रघुनाथ सिंह ने यह भी बताया कि साल 2022 में उन्होंने अपने पूर्वजों की जमीन को लेकर तहसील कार्यालय के सामने तीन दिनों तक आमरण अनशन किया था, लेकिन उस समय भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उनका कहना है कि अब नए एसपी के आने से उन्हें उम्मीद है कि उनकी फरियाद सुनी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट रमाशंकर गुप्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि रघुनाथ गोंड की जमीन से जुड़े मामले में राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ की गई है। यह एक गंभीर आपराधिक मामला है, जिस पर कार्रवाई का अधिकार केवल पुलिस के पास है। उन्होंने कहा, “राजस्व विभाग केवल अभिलेखों की जांच कर सकता है, लेकिन अपराध पंजीयन और अभियुक्त पत्र न्यायालय में पेश करने की जिम्मेदारी पुलिस की है। दुर्भाग्य से पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।”

रघुनाथ सिंह ने कहा, “मेरे जमीन के मामले में मुझे अब तक न्याय नहीं मिला। इसलिए मैंने गंगाजल छिड़ककर एसपी कार्यालय का शुद्धिकरण किया। नए एसपी साहब से मुझे उम्मीद है कि वे हमारी समस्या को सुनेंगे और कार्रवाई करेंगे।” इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक फरियादी को प्रशासनिक अन्याय के खिलाफ इतना प्रतीकात्मक कदम क्यों उठाना पड़ा। स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि नए पुलिस अधीक्षक मामले की गंभीरता को समझते हुए पीड़ित को न्याय दिलाएंगे।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

संभागीय प्रमुख व वरिष्ठ संवाददाता

बस्तर व सरगुजा अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों से जनमुद्दों और जनसमस्याओं पर बेबाक रिपोर्टिंग।

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