Government schools in India decline according to UDISE 2025-26 report
UDISE के आंकड़ों के मुताबिक देश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की संख्या एक साल में 9,866 घट गई।

Government Schools in India: देश में सरकारी स्कूलों की संख्या को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। UDISE की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 से 2025-26 के बीच देश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 10 हजार घट गई। एक साल में यह संख्या 8,89,806 से घटकर 8,79,940 रह गई। यानी सरकारी स्कूलों की संख्या में करीब 1.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि सभी राज्यों में स्थिति एक जैसी नहीं है। बिहार और छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

UDISE रिपोर्ट में क्या सामने आया?

UDISE के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024-25 में देश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की संख्या 8,89,806 थी। साल 2025-26 में यह घटकर 8,79,940 रह गई। इस तरह एक साल में 9,866 सरकारी स्कूल कम हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक सरकारी स्कूलों की संख्या में करीब 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट में अलग-अलग राज्यों का योगदान अलग रहा है।

मेघालय में सबसे ज्यादा स्कूल कम हुए

संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक सरकारी स्कूलों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट मेघालय में दर्ज की गई। यहां सरकारी स्कूलों की संख्या 7,633 से घटकर 5,459 रह गई। यानी एक साल में 2,174 स्कूल कम हुए। इसके बाद तेलंगाना में 1,961 और आंध्र प्रदेश में 1,446 सरकारी स्कूलों की कमी दर्ज की गई।

बिहार और छत्तीसगढ़ में बढ़ी सरकारी स्कूलों की संख्या

देश के सभी राज्यों में सरकारी स्कूलों की संख्या में गिरावट नहीं आई है। कुछ राज्यों में सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़ी भी है। बिहार में सरकारी स्कूलों की संख्या 2024-25 के 66,803 से बढ़कर 2025-26 में 66,915 हो गई। यानी यहां 112 सरकारी स्कूल बढ़े हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में भी सरकारी स्कूलों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां स्कूलों की संख्या 43,836 से बढ़कर 43,853 हो गई। यानी राज्य में 17 सरकारी स्कूल बढ़े हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।