Route to Amarkantak closed: मौसम विभाग के अलर्ट के बीच पिछले 24 घंटे से ज्यादा समय से मूसलाधार बारिश जारी है। कई नदी-नाले उफान पर हैं और इसका सबसे बड़ा असर अमरकंटक जाने वाले मार्गों पर पड़ा है। 48 घंटे की लगातार बारिश के बाद जलेश्वर-अमरकंटक मार्ग पर बड़ा भूस्खलन हुआ है, जिसमें पहाड़ी सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसकर खाई में समा गया। वायरल वीडियो में तबाही का भयावह मंजर कैद हुआ है।
अमरकंटक के सभी प्रमुख रास्ते बंद
भारी बारिश के कारण अमरकंटक जाने वाले सभी प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय और दुर्गधारा होते हुए अमरकंटक जाने वाले मार्गों पर पुलों के ऊपर पानी बह रहा है और कई जगह पेड़ गिरने से आवागमन ठप है। जलेश्वर मार्ग धंसने से जलेश्वर क्षेत्र के लोगों का जिला मुख्यालय गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से सीधा संपर्क टूट गया है।
सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
भूस्खलन के बाद इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह बाधित है। बारिश में सड़क का इतना बड़ा हिस्सा खाई में गिरना पीडब्ल्यूडी और संबंधित विभाग के लिए गंभीर चुनौती है। हालांकि भूस्खलन का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन घटना ने पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा और मानसून पूर्व तैयारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पेंड्रा रोड से अमरकंटक जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और क्षतिग्रस्त रास्ते से बचने की सलाह दी गई है।
Faq: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. जलेश्वर-अमरकंटक मार्ग पर क्या हुआ?
— 48 घंटे की लगातार बारिश से जलेश्वर के पास पहाड़ी सड़क का बड़ा हिस्सा धंसकर खाई में समा गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
Q2. क्या अमरकंटक का संपर्क टूट गया है?
— हां, भारी बारिश के कारण अमरकंटक जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग बंद हैं, विश्वविद्यालय और दुर्गधारा वाले रास्तों पर पुलों पर पानी और पेड़ गिरने से आवाजाही ठप है।
Q3. यात्रियों के लिए क्या सलाह है?
— प्रशासन ने पेंड्रा रोड से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और क्षतिग्रस्त जलेश्वर मार्ग से बचने की सलाह दी है, तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।



