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स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान, कहा- कोई स्कूल…

स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान, कहा- कोई स्कूल…
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को माओवाद, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (मर्ज) की प्रक्रिया में कोई स्कूल बंद नहीं हो रहा है। बल्कि दो स्कूलों को मर्ज कर एक किया जा रहा है। जहां शिक्षकों की कमी है, वहां अतिशेष शिक्षक को भेजा जा रहा है। युक्तियुक्तकरण से लाभ है।

माओवाद का सच : बीजिंग से शुरू हुआ आतंक अब बस्तर में सक्रिय

वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि माओवाद के विद्रूप चेहरे की शुरुआत चीन के बीजिंग से हुई थी, यही आज बस्तर में सक्रिय है। यही माओवादी हमारे आदिवासियों की हत्या करते है। स्थानीय लोगों को IED से उड़ा दिया जाता है। इस माओवाद ने गला रेत कर, IED बिछाकर लोगों को मारा। आज 3 जून को ही बीजिंग में लोकतंत्र की मांग करने पर 10 हजार लोगों को टैंक से कुचल दिया गया। कार्यक्रम में माओवाद के विद्रूप चेहरे पर चर्चा होगी। शर्मा ने जानकारी दी कि “द केरला स्टोरी” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन भी शामिल होंगे।

तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं की नक्सली वार्ता पहल पर कड़ी प्रतिक्रिया

तेलंगाना में कांग्रेस नेताओं द्वारा नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए की गई बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो लोग बस्तर के दुख में कभी शामिल नहीं हुए, जिनकी मौजूदगी तब नहीं दिखी जब पूरी की पूरी बस्तियां जलाई गईं, नेताओं और आम लोगों को मारा गया, और जिन्होंने इन गंभीर घटनाओं पर कभी कोई बयान नहीं दिया, अब अगर वही लोग नक्सलियों से वार्ता की बात कर रहे हैं, तो उन पर संशय होना स्वाभाविक है। विजय शर्मा ने यह भी कहा कि नक्सली अगर स्वयं वार्ता की इच्छा जताते हैं, तो बातचीत संभव है, लेकिन यह सिर्फ किसी राजनीतिक दल की पहल पर नहीं हो सकती।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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