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Industrial Diesel Price Hike: आपकी जेब पर तेल का दोहरा हमला: पहले प्रीमियम पेट्रोल और अब इंडस्ट्रियल डीजल हुआ महंगा

Industrial Diesel Price Hike: आपकी जेब पर तेल का दोहरा हमला: पहले प्रीमियम पेट्रोल और अब इंडस्ट्रियल डीजल हुआ महंगा
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। Industrial Diesel Price Hike: आम आदमी अभी प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों के झटके से उबरा भी नहीं था कि तेल कंपनियों ने एक और बड़ा प्रहार कर दिया है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के हालातों और कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण अब इंडस्ट्रियल डीजल (Bulk Diesel) की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।

थोक खरीदारों की बढ़ी मुश्किलें

बता दें कि यह बढ़ोतरी उन थोक खरीदारों के लिए है जो सीधे तेल कंपनियों से भारी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। इसमें रेलवे, बस बेड़े, बड़ी फैक्ट्रियां और मॉल्स शामिल हैं। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के $100 प्रति बैरल के पार जाने का असर अब थोक कीमतों पर साफ दिखने लगा है। गौरतलब है कि कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के बाद अब इंडस्ट्रियल फ्यूल के मार्जिन को एडजस्ट करने के लिए यह कदम उठाया है।

रायपुर के उद्योगों पर गहराएगा संकट?

सूत्रों की मानें तो रायपुर के सिलतरा और उरला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इस खबर के बाद हड़कंप मच गया है। यहां की स्टील और सीमेंट फैक्ट्रियां भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल करती हैं। थोक कीमतों में इजाफा होने से उत्पादन लागत (Production Cost) बढ़ेगी। जानकारों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही, तो आने वाले दिनों में सरिया और सीमेंट के दाम भी बढ़ सकते हैं।

आम जनता पर क्या होगा असर?

मिली जानकारी के अनुसार, हालांकि अभी रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंप) पर मिलने वाले सामान्य डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने का सीधा मतलब है 'महंगाई'। जब थोक में डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ जाती है, जिसका अंतिम बोझ आम जनता की थाली पर ही पड़ता है।

इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रांसपोर्ट सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स होंगी। अगर तेल कंपनियों ने रिटेल डीजल की कीमतों को भी इसी तरह टच किया, तो देशभर में माल ढुलाई महंगी हो जाएगी, जिससे सब्जी से लेकर दालों तक के दाम आसमान छू सकते हैं। रायपुर के व्यापारियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट का तनाव अब सीधे हमारे किचन के बजट को बिगाड़ने की तैयारी में है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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