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रोचक खबरः 'छुट्टी चाहिए तो अकेले मिलो', इसे हाई कोर्ट ने नहीं माना इसे अपराध, महिला प्रोफेसर का लगाया आरोप झूठा करार देते हुए रद्द की FIR

रोचक खबरः 'छुट्टी चाहिए तो अकेले मिलो',  इसे हाई कोर्ट ने नहीं माना इसे अपराध, महिला प्रोफेसर का लगाया आरोप झूठा करार देते हुए रद्द की FIR
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी डेस्क। हाईकोर्ट ने माना है कि छुट्टी के लिए अकेले मिलने की बात कहना कोई गलत नहीं है। इसी के साथ ही हाईकोर्ट ने महिला द्वारा कराए गए एफआईआर को भी खारिज कर दिया। बता दें कि यह मामला बिलासपुर डीपी विप्र कॉलेज का है।

जहां पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर मनीष तिवारी पर उनके साथ ही काम करने वाली महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। इसे मनीष ने कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उस स्टेटमेंट 'मैडम, अगर आप छुट्टी चाहते हैं, तो मुझसे अकेले मिलें' को यौन उत्पीड़न का आधार नहीं माना।

दर्ज याचिका में बताया गया कि महिला सहकर्मी ने छुट्‌टी के लिए अकेले में मिलने की बात कहकर मनीष पर केस दर्ज कराया था। साथ ही याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि किसी तरह से शारीरिक संबंध बनाने या यौन शोषण उत्पीड़न करने जैसी कोई बात नहीं की है।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील के तर्कों को आदार बनाते हुए FIR को प्रथम दृष्टि में झूठा मानकर निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता सहायक प्राध्यापक के खिलाफ धारा 354 (ए) (iv) के साथ ही एट्रोसिटी एक्ट 1989 की धारा 3(1)(xii) के तहत भी अपराध दर्ज किया गया था।

इसे भी कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि आरोपी सहायक प्राध्यापक पीड़ित महिला का यौन शोषण करने की स्थिति में नहीं है। महिला अनुसूचित जाति समुदाय से है और आरोपी दूसरे समुदाय से संबंधित है। इससे संबंधित तथ्य दिखने के लिए रिकॉर्ड में कुछ भी नहीं है। इससे यह सिद्ध नहीं होता कि अपराध याचिकाकर्ता द्वारा किया गया था

इस मामले में शिकायत के तथ्य को ध्यान में रखते हुए जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा अगर हम देखते हैं कि शिकायत के तथ्य जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि याचिकाकर्ता ने कहा है कि "मैडम, अगर आप छुट्टी चाहते हैं, तो मुझसे अकेले मिलें" इसमें यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ कोई यौन टिप्पणी की गई है।

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Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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